साल का पहला सूर्यग्रहण कल, 4 घंटे की अवधि में दिखेगा ' रिंग ऑफ फायर '


जबलपुर।
खगोल विज्ञान और धार्मिक दृष्टि से कल यानी 17 फरवरी का दिन महत्वपूर्ण होने वाला है। कल साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक वलयाकार (Annular) सूर्य ग्रहण होगा, जिसे वैज्ञानिकों ने ‘रिंग ऑफ फायर’ का नाम दिया है। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के बीचों-बीच आकर उसे लगभग 96 प्रतिशत तक ढक लेगा, जिससे आसमान में सूर्य एक चमकते हुए छल्ले की तरह नजर आएगा। यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है, जिसका ज्योतिषीय महत्व भी काफी अधिक माना जा रहा है।

भारतीय दर्शकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है कि 17 फरवरी का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से दक्षिणी अफ्रीका (जिम्बाब्वे, नामीबिया, जाम्बिया), अंटार्कटिका, दक्षिण अमेरिका (चिली, अर्जेंटीना) और मॉरीशस जैसे देशों में नजर आएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल तभी प्रभावी माना जाता है जब ग्रहण उस क्षेत्र में दिखाई दे। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा। मंदिर के कपाट खुले रहेंगे और नियमित पूजा-पाठ में कोई बाधा नहीं आएगी। भले ही यह ग्रहण भारत में न दिखे, लेकिन जो लोग इसे ऑनलाइन या उन देशों में देख रहे हैं जहाँ यह दिखाई देगा, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। 

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