नर्मदापुरम निवासी पीडि़ता ने शिकायत करते हुए पुलिस अधिकारियों को बताया कि उसकी शादी भोपाल के गौतम नगर निवासी मनीष डोडिया उर्फ टिकू से 30 जनवरी को तय हुई थी। 2 फरवरी को मनीष ने फोन कर शादी के इंतजामों की जानकारी ली। परिवार ने साफ कह दिया था कि वे अपनी क्षमता अनुसार ही विवाह कर पाएंगे। इसके बावजूद 6 फरवरी को मनीष के पिता देवनारायण डोडिया पीडि़ता के घर पहुंचे और शादी धूमधाम से करने का दबाव बनाया। 12 फरवरी को बारात साहू धर्मशाला पहुंची। दोपहर में सगाई हुई, जिसमें दूल्हे को सोने की अंगूठी और 5100 रुपए नगद दिए गए। शाम को बारात के दौरान सोने की चेन भी दी गई। लेकिन वरमाला के बाद दूल्हा मनीष और उसके पिता देवनारायण ने दहेज में 3 लाख रुपए नगद और बाइक की मांग रख दी। पीडि़ता के भाई, मां व रिश्तेदारों ने समझाने की कोशिश की कि मेहमान मौजूद हैं और इतनी जल्दी रकम व बाइक की व्यवस्था संभव नहीं है। इसके बावजूद दूल्हा और उसके पिता नहीं माने। उन्होंने दी गई सोने की चेन और अंगूठी वापस की और बिना शादी किए बारात लेकर लौट गए। इस घटना से दुल्हन व उसका परिवार व्यथित हो गए। दुल्हन हाथों में लगी मेहंदी के साथ कोतवाली थाने पहुंची। जहां पर रोते हुए पुलिस अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाई। पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर दूल्हा मनीष डोडिया और उसके पिता देवनारायण डोडिया के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है।