शहडोल। एमपी के शहडोल जिले के उत्तर वनमण्डल क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अमझोर में बीती बुधवार 18 फरवरी की देर रात अवैध लकड़ी तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान तस्करों और उनके स्वजनों ने वन अमले पर जानलेवा हमला करके बंधक बना लिया था।
बाद में पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियत्रंण पाया गया। यह अमझोर वन परिक्षेत्र के सीधी सर्किल अंतर्गत महादेवा में हुई है। हमले में रेंजर तरुणेंद्र सिंह और डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार सहित कई बीट गार्ड घायल हुए हैं।
घटना के बाद घायल वन अमले ने डायल 112 पर संपर्क कर मदद मांगी थी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बंधक बने वन कर्मियों को छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया। अमझोर वन परिक्षेत्र के रेंजर तरुणेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार को अवैध कटाई एवं परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद कार्यवाही करने वन विभाग की टीम गई और कार्यवाही के दौरान ही हमला हुआ है।
डीएफओ तरुण वर्मा ने बताया कि वन विभाग को सूचना मिली थी कि साल के वृक्षों की अवैध कटाई हो रही है। इसी आधार सर्किल सीधी के डिप्टी रेंजर एवं अन्य बीट गार्ड की टीम मौके पर गई और घेराबंदी कर आरोपितों को साल की लकडी काटते हुए रंगे हाथो पकड लिया। अरोपितों ने पूछताछ मे स्वीकार किया की उन्होने अवैध लकडी का संग्रहण ग्राम महादेवा में महादेवा मंदिर की बाउन्ड्रीवाल के भीतर व अपने निजी निवास के पास किया है।
आरोपितों में नागेन्द्र यादव पुत्र बाबूलाल यादव, सुरेन्द्र यादव पुत्र बाबूलाल यादव,महेन्द्र यादव पुत्र बाबूलाल यादव, बाबूलाल यादव पुत्र सुदर लाल यादव व अन्य महिलाएं शामिल हैं।कार्रवाई के दौरान आरोपितों ने दबाव बनाया कि कार्रवाई न की जाए और इसी बीच मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई है।
डीएफाओ ने बताया कि वन विभाग के द्वारा साल प्रजाति की लकडी जप्त कर अरोपितों के विरूद्व वन अपराध के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालने, जाति सूचक शब्द बोलने, मारपीट करने की शिकायत जयसिंहनगर थाने में की गई है। घटना स्थल की नजरी नक्शा तैयार कर आरोपितों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाये जा रहे है। प्रकरण मे वन विभाग एवं पुलिस विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की जा रही है।
