डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की LAST VISH, डॉ. सुमित जैन और डॉ. प्रार्ची जैन पर कानूनी कार्रवाई हो, जांच के बाद FIR


जबलपुर।
कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त प्रतिवेदन पर मदनमहल पुलिस ने डॉ. हेमलता श्रीवास्तव प्रकरण में डॉ. सुमित जैन और डॉ. प्राची जैन पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। डॉ. श्रीवास्तव ने अपने कथन में आखिरी इच्छा दोनों चिकित्सकों पर कानूनी कार्रवाई करने की मंशा व्यक्त की थी। 

मदनमहल पुलिस के मुताबिक प्रतिवेदन के अनुसार यह मामला डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को उपचार से वंचित रखने, समय पर आई.सी.यू. से हटाए जाने, वाब/प्रलोभन/भय के वातावरण में दस्तावेजो पर हस्ताक्षर कराए जाने तथा प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, कूटरचना एवं आपराधिक षड्यंत्र के संबंधित मामले को गंभीरता, सामाजिक प्रभाव एंव एक वरिष्ठ महिला चिकित्सक से जुड़े मानवीय पहलुओं को दृष्टिगत् रखते हुए तथ्यों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जाँच किए जाने हेतु संदर्भित आदेश द्वारा दल गठित किया गया है। गठित दल द्वारा शिकायत की जाँच के लिए रिकार्ड का अवलोकन किया गया एवं पीड़ित महिला चिकित्सक डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के कथन पर जांच के बाद अपरारध पंजीबद्ध किया है। 

पुलिस ने बताया कि डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के द्वारा यह बताया गया था कि उनके साथ फ्रॉड या छल कपट हुआ है। ऐसा कोई कंडीशन मेरे द्वारा नहीं बताया गया था और इस प्रकार के कडिका डालने पर उनके द्वारा डॉ. सुमित जैन एवं डॉ. प्राची जैन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए भी इच्छा जाहिर की है। अतः जाँच उपरांत समिति का निष्कर्ष यह है कि आवेदिका डॉ. हेमलता श्रीवास्तव एक 81 वर्षीय वयोवृद्ध महिला है। उनके द्वारा अपने ससुर एवं पुत्र की याद में मेमोरियल हस्पिटल बनाये जाने जैसी भावना का लाभ लेकर डॉ.सुमित जैन एवं डॉ.प्राची जैन को बहुमूल्य वाद भूमि को अपने पक्ष में दान कराया एवं उनको धोखे में रखकर विकय करने की कंडिका का उल्लेख किया, जबकि वह दान की हुई भूमि को किसी भी प्रकार से अन्य उद्देश्य के लिए अंतरण नहीं करना चाहती है। विक्रय करने के कंडिका को डा हेमलता श्रीवास्तव ने अपने साथ फाड (छल-कपट) माना है एवं कानूनी कार्यवाही की जाने की मंशा व्यक्त की है। पुलिस ने प्राप्त प्रतिवेदन पर डॉ. सुमित जैन, डॉ. प्राची जैन के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।  

Post a Comment

Previous Post Next Post