पुलिस अधिकारियों के अनुसार सांगवा गांव में रहने वाले राजू पिता हंसू धुर्वे का बेटा दीपक पढऩे में बहुत होशियार रहा, जिसने 12वीं क्लास में टॉप किया था। इसके बाद से वह नौकरी के लिए कई जगह आवेदन देता रहा लेकिन उसका कहीं भी सिलेक्शन नहीं हुआ। जिससे वह परेशन हो गया। आए दिन किसी न किसी बात को लेकर घर में विवाद करता रहा। कुछ दिन पहले ही वह नागपुर से इलाज कराकर घर आया। बीती रात किसी बात को लेकर घर में विवाद हो गया। उस वक्त तो वह शांत रहा। देर रात जब परिवार के सभी सदस्य सो गए तब उसने धारदार हथियार से पिता राजू उर्फ हंसू धुर्वे, मां कमलती उम्र 40 वर्ष, भाई दिलीप पर हमला कर हत्या कर दी। शोर सुनकर पांच साल का भांजा प्रशांत परते जाग गया तो उसपर भी हमला किया। हत्या करने के बाद आरोपी दीपक रात भर शवों के पास ही बैठा रहा। आज दोपहर तक दरवाजा घर का दरवाजा नहीं खुला तो अनहोनी का शक हुआ। पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटायाए लेकिन किसी ने नहीं खोला। जब ग्रामीण दरवाजा तोड़कर घर के अंदर गए तो आरोपी दीपक धुर्वे घटनास्थल पर ही मौजूद था। घटना की खबर गांव में आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते गांव के कई लोग एकत्र हो गए, जिनकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने देखा तो कमरे में तीन शव पड़े है, चारों ओर खून ही खून दिखाई दे रहा था। यहां तक दीवारों पर भी खून के छींटे नजर आए। पुलिस ने घायल भांजे को अस्पताल पहुंचाया, जहां पर उसकी हालत को देखते हुए भरती कर लिया है। वहीं शवों को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी युवक दीपक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरु कर दी है।
बिल्ली को भी मार दिया-
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घर के अंदर एक बिल्ली में खून से लथपथ मृत मिली है,जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपी दीपक ने बिल्ली पर पर धारदार हथियार से हमला कर मारा है।
सरकारी नौकरी नहीं लगने से मेंटली डिस्टर्ब था-
मौके पर पहुंची चचेरी बहन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दीपक बीमार रहने लगा था। उसका छोटा भाई भी पढ़ाई पूरी करने के बाद फैब्रिकेशन का काम करने लगा। उसने सीआरपीएफ में सिलेक्शन के लिए भी अप्लाई किया था, लेकिन वह कुछ नंबरों से चूक गया। इसके बाद उसका छोटा भाई मजदूरी करने लगा।
Tags
betul