बोर्ड परीक्षा: शहर में 289 और ग्रामीण क्षेत्रों में 128 छात्र संस्कृत के पेपर में रहे नदारद


जबलपुर
। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं के तहत जिले में सघन निगरानी और प्रशासन की मुस्तैदी देखी जा रही है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं और परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रही हैं। 19 फरवरी को जिले के कुल 100 परीक्षा केंद्रों पर कक्षा दसवीं के संस्कृत विषय की परीक्षा आयोजित की गई। जिले के कुल 20,678 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 20,261 छात्र परीक्षा में सम्मिलित हुए, जबकि 417 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए।

शहरी और ग्रामीण  आंकड़ों पर नजर 

​शहरी क्षेत्र: 47 केंद्रों पर 11,723 पंजीकृत छात्रों में से 289 अनुपस्थित रहे।

​ग्रामीण क्षेत्र: 53 केंद्रों पर 8,955 पंजीकृत छात्रों में से 128 अनुपस्थित रहे।

​मनोविज्ञान (12वीं): मनोविज्ञान विषय की परीक्षा केवल एक केंद्र पर हुई, जहाँ सभी 8 पंजीकृत छात्र उपस्थित रहे।

उड़नदस्ता दलों का सघन निरीक्षण

​परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्योहारबाग और कमला नेहरू नगर का दौरा किया। इसके अलावा, जिला प्रशासन द्वारा गठित एसडीएम एवं बीईओ स्तर के विशेष उड़नदस्ता दलों ने भी जिले के समस्त विकासखंडों में निरंतर मॉनिटरिंग की। केंद्रों पर बैठक व्यवस्था से लेकर पानी और सुरक्षा के तमाम इंतजामों को परखा गया।

नकल का एक भी प्रकरण नहीं

​प्रशासन की कड़ी चौकसी का ही परिणाम है कि पूरे जिले में कहीं भी नकल का कोई मामला सामने नहीं आया। परीक्षा केंद्रों पर तैनात पर्यवेक्षकों और फ्लाइंग स्क्वाड की सक्रियता के कारण छात्र अनुशासन में नजर आए। अधिकारियों के अनुसार, सभी केंद्रों पर परीक्षा शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यवस्थित रूप से संचालित की गई।

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