भोपाल। प्रदेश भर में पुराने मीटर के स्थान पर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के लिए उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। साथ ही इन मीटर को लगाने के लिए उपभोक्ताओं की रजामंत्री जरूरी नहीं है. विधानसभा में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डबरा विधायक सुरेश राजे के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना तथा मध्य प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-आठ विद्युत मापन तथा बिलिंग के तहत आरडीएसएस योजना में पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। वैधानिक प्रावधानों के अनुसार उपभोक्ता की सहमति आवश्यक नहीं है।
मीटर शुल्क को लेकर उठे सवाल
विधायक सुरेश राजे ने पूछा था कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले लगे सिंगल फेज और थ्री फेज मीटर की कितनी राशि वसूली गई और आगे कितनी वसूली जाएगी। साथ ही यह भी पूछा कि क्या पुराने मीटर की राशि समायोजित कर स्मार्ट मीटर की राशि ली जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पुराने मीटर के लिए समय-समय पर प्रचलित एसओआर के अनुसार राशि ली जाती है।
