जबलपुर। शासन की रायल्टी की फर्जी रसीद से सरकार सहित खनिज ढोने वालों को खासी चपत लगाई है। खनिज शाखा ने इसकी सूचना मिलने पर छानबीन की और संबंधित दस्तोवजों की जांच की तो पाया कि उन दस्तावेजों का सरकारी रिकार्ड में मिलान नहीं हो रहा है। लिहाजा यह मामला पुलिस को सौंपा गया और पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया।
मझगवा थाना प्रभारी हरदयाल सिंह ने बताया कि 12 फरवरी को कलेक्टर कार्यालय खनिज शाखा से खनिज अधिकारी अशोक कुमार राय ने लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जिसमें लेख है कि व्हिाटसएप पर भंडरा खदान से संबंधित एक पर्ची की फोटो प्राप्त हुयी, जिसमें क्रमांक 50 बुक नम्बर 32 लेख है, जो 10 फरवरी को महिन्द्रा क्रमांक एमपी 20 ए बी 6240 हेतु जारी की गई है। खदान जाने का समय 4-5 बजे तथा खदान से आने का समय 5 बजे लेख है। गाड़ी मालिक का नाम सिद्धू पटैल लिखा गया है। 3 घन मीटर हेतु जारी किया गया है। पर्ची का अवलोकन में पाया गया कि पर्ची वैध नहीं है। खनिज विभाग से जारी नहीं की गई। सूत्रों से जानकारी मिली कि सिहोरा तहसील अन्तर्गत हिरण नदी के भण्डराघाट से रेत के लिये यह पर्ची शैलेन्द्र पटैल निवासी ग्राम खिरहनी द्वारा पैसा लेकर वाहन महिन्द्रा क्रमांक एमपी 20 एबी 6240 के वाहन स्वामी सिद्धू पटेल को रेत परिवहन के लिये दिया गया है,।
गौरतलब है कि थाना मझगवॉ पुलिस द्वारा वाहन क्रमांक एमपी 20 एबी 6240 रेत खनिज के अवैध परिवहन में पाये जाने पर जप्त किया गया है। उपरोक्त वर्णित अवैध पर्ची शैलेन्द्र पटेल निवासी ग्राम खिरहनी द्वारा जारी करते हुये धोखाधड़ी की गयी है। शिकायत जांच साक्षियों के कथन लेख किये गये जो अपने कथनों में बताये कि सचिन पटेल निवासी
खिरहनी और शैलेन्द्र उर्फ शैलू पटेल मिलकर फर्जी तरीके से रेत की रायल्टी की रसीद कट्टा छपवाकर शासन की रेत निकलवा कर शासन एवं टेªक्टर वालों के साथ धोखाधड़ी कर टेªक्टर वालों से ट्राली में रेत ले जाने का 1-1 हजार रूपये लेकर रसीद काटकर देकर अवैध लाभ कमा रहे हैं।
