कोटा/जबलपुर. पश्चिम-मध्य रेलवे की महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय अपने दो दिवसीय कोटा दौरे में काफी सक्रिय नजर आईं। निरीक्षण और उद्घाटनों के बीच एक दिलचस्प नजारा तब दिखा, जब जीएम ने कोटा से सोगरिया स्टेशन तक का सफर एक मालगाड़ी के गार्ड डिब्बे में बैठकर किया। वहीं कर्मचारी परिषद ने जीएम को शिकायत कर कहा है कि पमरे मजदूर संघ द्वारा कर्मचारियों से रिटायरमेंट तक की जा रही जबरन चंदा वसूली पर रोक लगाई जाए। यदि इस नियम विरुद्ध वसूली को नहीं रोका गया, तो परिषद आंदोलन करेगी।
अतीत में कोटा मंडल में डीएसटीई के पद पर रहते हुए शोभना बंदोपाध्याय ने कई बार मालगाड़ी के गार्ड डिब्बे में सफर किया था। लंबे समय बाद उसी अनुभव को दोहराते हुए उन्होंने गार्ड डिब्बे में हुए तकनीकी सुधारों को महसूस करने की कोशिश की। बताया जाता है कि जीएम ने पाया कि पहले की तुलना में डिब्बे में कोई खास सकारात्मक बदलाव नहीं आया है।
हालांकि बीच में सवारी गाड़ी की बोगी पर आधारित गार्ड डिब्बे बनाए गए थे जो शांत और स्थिर थे, लेकिन अब रेलवे फिर से मालगाड़ी की बोगी पर ही डिब्बे तैयार कर रहा है। इसके कारण सफर के दौरान तेज शोर और झटके पहले की तरह ही बरकरार हैं। बेहतरीन कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया।
दौरे के अंत में उन्होंने रेलवे अस्पताल का रुख किया, जहाँ उन्होंने आईसीयू और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र देखा। उन्होंने अस्पताल में नवजात शिशुओं को बेबी किट भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
चंदा वसूली पर विवाद, शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन
दौरे के दौरान विभिन्न संगठनों ने जीएम को ज्ञापन सौंपे। जहाँ रिक्त पदों को भरने और भत्ते की मांग उठी, वहीं कर्मचारी परिषद ने एक गंभीर मुद्दा उठाया जिसमें मजदूर संघ द्वारा कर्मचारियों से रिटायरमेंट तक की जा रही जबरन चंदा वसूली पर रोक लगाई जाए। यदि इस नियम विरुद्ध वसूली को नहीं रोका गया, तो परिषद आंदोलन करेगी। जीएम ने इस मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
