जबलपुर। गोसलपुर थाना क्षेत्र के पौड़ीखुर्द अतरिया में मछली पालन सहकारी समिति में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। समिति के अध्यक्ष ने पांच सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का उपयोग कर उनके त्यागपत्र तैयार किए और पूरी समिति को भंग कर अपने करीबियों को शामिल कर नई समिति बना ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी अध्यक्ष और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
2022 से चल रहा था साजिश का खेल
पुलिस के अनुसार, पौड़ीखुर्द अतरिया मछली पालन सहकारी मर्यादित समिति के अध्यक्ष बिहारीलाल रैकवार ने वर्ष 2022 में इस साजिश को अंजाम दिया था। बिहारीलाल ने समिति की सदस्य सुशीला बर्मन, माया बर्मन और तीन अन्य के नाम पर फर्जी त्यागपत्र तैयार किए। खास बात यह है कि इन सदस्यों को अपने इस्तीफे की भनक तक नहीं थी। इन दस्तावेजों के आधार पर सहकारिता कार्यालय जबलपुर के माध्यम से दोबारा चुनाव कराए गए और अध्यक्ष ने अपनी पसंद के लोगों को नई समिति में जगह दे दी।
न्यायिक आदेश के बाद एफआईआर
इस फर्जीवाड़े की जानकारी पीड़ितों को सितंबर 2023 में लगी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस और सहकारिता विभाग में शिकायत दर्ज कराई। मामला उप पंजीयक न्यायिक संस्थाएं के समक्ष पहुंचा, जहां लंबी सुनवाई के बाद 25 जून 2025 को सुशीला और माया बर्मन की सदस्यता बहाल करने के आदेश दिए गए। इसी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर मंगलवार रात गोसलपुर पुलिस ने अध्यक्ष बिहारीलाल रैकवार व अन्य के खिलाफ जालसाजी और विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
