बालाघाट। एमपी के बालाघाट जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ परेश उपलप ने किरनापुर के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ वर्ष चौबे को बिना किसी वैध चिकित्सकीय योग्यता के एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का उपचार करने के मामले में किरनापुर स्थित क्रिश क्लीनिक के संचालक अपूर्बो कुमार सरकार के विरुद्ध किरनापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई आकस्मिक जांच के बाद की गई है।
जिला चिकित्सालय बालाघाट की आरएमओ डॉ. सुषमा गोयल एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव करवते तथा सहायक सांख्यिकी अधिकारी डॉ. श्रद्धा सिंह, संगणक मो. अक्रम मंसूरी एवं सहायक ग्रेड-03 हेमंत बोहरे के दल द्वारा 10 फरवरी 2026 को कावरे चौक किरनापुर स्थित क्रिष क्लीनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्लीनिक संचालक अपूर्बो कुमार सरकार ने वर्ष 2020 में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल से डिप्लोमा इन फार्मेसी की योग्यता प्राप्त की है।
दल द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि श्री अपूर्बो कुमार सरकार द्वारा बिना किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय अर्हता के एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का उपचार किया जा रहा था, जो मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 का उल्लंघन है तथा धारा 24 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इस आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. वर्ष चौबे को अधिकृत किया गया है।
इसके बाद प्रकरण अग्रिम कार्यवाही हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालाघाट को प्रेषित किया गया था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेश दिनांक 18 सितंबर 2025 के तहत इस मामले की जांच के लिए एक दल गठित किया गया था। इस दल ने जांच में पाये गए तथ्यों के आधार पर क्लीनिक संचालक के विरूद्ध एफआईआर करने की अनुशंसा की थी।
