जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनपुर सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ई-उपार्जन पोर्टल पर गलत तरीके से पंजीयन कर शासन को करीब 97 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुँचाने के आरोप में समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में यह पाया गया कि लखनपुर सेवा सहकारी समिति मर्यादित के प्रबंधक अखिलेश कुमार पटेल और ऑपरेटर अनुराधा पटेल ने मिलीभगत कर दो दर्जन से अधिक ऐसे व्यक्तियों का पंजीयन किया, जिनके नाम पर न तो कोई जमीन थी और न ही वे किसान थे। ई-उपार्जन पोर्टल पर फर्जी तरीके से पंजीयन कर इन लोगों को किसान के रूप में दर्शाया गया, ताकि अवैध लाभ अर्जित किया जा सके।
पोर्टल बंद होने के बाद हुआ खेल
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025-26 में धान खरीदी के लिए निर्धारित पंजीयन अवधि 15 सितंबर से 10 अक्टूबर तक थी। 10 अक्टूबर को पोर्टल बंद होने के बाद, रात 10 से 12 बजे के बीच सुनियोजित तरीके से दिनेश पांडे, राहुल, आदित्य कुररिया समेत करीब 24 फर्जी किसानों का डेटा पोर्टल पर फीड किया गया। इन फर्जी पंजीयनों के माध्यम से कुल 88.05 हेक्टेयर रकबा दर्शाया गया था।
97 लाख की आर्थिक क्षति का अनुमान
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार जाटव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, मझौली क्षेत्र की धान उत्पादकता (46.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर) के आधार पर इस फर्जीवाड़े के जरिए शासन को 97 लाख 41 हजार 162 रुपये का चूना लगाने की तैयारी थी। मामला उजागर होने के बाद सिहोरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
