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मास्क की सलाह पर बवाल: जूनियर डॉक्टर पर थप्पड़ का आरोप निराधार, जूडा ने खोला मोर्चा


जबलपुर।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर डॉक्टरों और मरीज के परिजनों के बीच तनातनी का मामला सामने आया है। सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में मरीज के साथ मारपीट के आरोपों को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) ने पूरी तरह निराधार बताया है। इस संबंध में जूडा ने मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग की है।जूडा के अनुसार, टीबी विभाग में भर्ती मरीज कुलदीप रैकवार अल्ट्रासाउंड जांच के लिए ओपीडी आए थे। वहां मौजूद महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए उन्हें मास्क पहनने की सलाह दी थी, जो कि चिकित्सकीय मानकों के तहत अनिवार्य है। एसोसिएशन का कहना है कि डॉक्टर ने केवल सुरक्षा के लिहाज से अनुरोध किया था, लेकिन इसे गलत तरीके से पेश किया गया।

​थप्पड़ मारने का आरोप झूठा और भ्रामक

​घटना के बाद मरीज के अटेंडर ने आरोप लगाया कि महिला डॉक्टर ने मरीज को थप्पड़ मारा है। जूडा ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे डॉक्टरों को बदनाम करने की साजिश बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि अटेंडर ने न केवल हंगामा किया, बल्कि टीबी विभाग में जाकर सीएम हेल्पलाइन पर भी झूठी शिकायत दर्ज कराई। जूडा ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसर में किसी भी तरह की हिंसा नहीं हुई और लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत हैं।

​सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त कार्रवाई की मांग

​जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे रेजिडेंट डॉक्टरों के आत्मसम्मान और सुरक्षा पर हमला बताया है। डीन को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वाले और डॉक्टरों के कार्य में बाधा डालने वाले अटेंडर के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, डॉक्टरों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और महिला चिकित्सकों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।

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