प्राध्यापकों के हक की लड़ाई शुरू: वेतनमान और पदनाम को लेकर जबलपुर संभाग में लामबंदी


जबलपुर।
 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय में आज प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ, जबलपुर संभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। संभागीय अध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में संभाग स्तरीय सदस्यता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। निर्णय लिया गया कि फरवरी 2026 तक संभाग के सभी जिलों में शत-प्रतिशत सदस्यता का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। प्रांतीय महामंत्री डॉ. पवन पंडित की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्राध्यापकों की लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से वर्ष 2004-2005 में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने, वरिष्ठ एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान के साथ चतुर्थ पे-बैंड के आदेश जारी करवाने और प्राध्यापक पदनाम के आदेशों के प्रसार पर जोर दिया गया। इसके अलावा, वर्ष 2019 में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों, ग्रंथपालों और क्रीड़ा अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने तथा क्रीड़ा अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संभागीय अध्यक्ष प्रो. शुक्ल ने आश्वस्त किया कि संघ के प्रांतीय पदाधिकारी जल्द ही शासन के उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर इन मांगों का त्वरित निराकरण कराएंगे।

बैठक में इनकी रही उपस्थिति

इस पर डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. राजेश शामकुंवर, डॉ. शैलप्रभा कोष्टा, डॉ. मलय वर्मा, डॉ. शुभांगी धगट, डॉ. विभा निगम, डॉ. प्रतिभा कुमार, डॉ. मीना केलर, डॉ. समता नायडू, डॉ. स्मिता बेलवंशी, डॉ. जयराम सिंह, डॉ. रामेश्वर झारिया, डॉ. शिवचंद्र वल्के, डॉ. रविश तमन्ना ताजिर, डॉ. तृप्ति उकास, डॉ. रितुरानी, डॉ. अभय उइके एवं डॉ. अवधेश बागरी सहित संभाग के लगभग 40 प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक उपस्थित रहे।

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