नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th CPC) की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। केंद्र सरकार ने आयोग के ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी प्रशासनिक नियुक्ति की है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने आयोग में नए डायरेक्टर के नाम पर मुहर लगा दी है, जिससे अब सैलरी और पेंशन निर्धारण की फाइलों पर काम तेजी से बढ़ेगा।
डायरेक्टर की नियुक्ति यह दर्शाती है कि सरकार तय समय सीमा के भीतर आयोग की रिपोर्ट तैयार करवाना चाहती है। भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के अनुभवी अधिकारी की एंट्री से वित्तीय गणनाओं और विसंगतियों को दूर करने में विशेषज्ञता मिलेगी।
नए डायरेक्टर कृष्णा वीआर?
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के आदेश के अनुसार 2009 बैच के वरिष्ठ IRAS अधिकारी कृष्णा वीआर को यह जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) के तहत प्रतिनियुक्ति पर लाया गया है। वे वेतन आयोग की सिफारिशों के लिए डेटा संग्रहण और सैलरी स्ट्रक्चर के विश्लेषण में मुख्य भूमिका निभाएंगे।
सुझाव देने 16 मार्च है डेडलाइन
8वें वेतन आयोग ने इस बार प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सीधे कर्मचारियों से फीडबैक मांगा है। आयोग ने अपनी वेबसाइट 8cpc.gov.in लॉन्च की है। कर्मचारी और पेंशनर्स बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, और भत्तों (Allowances) से जुड़े सुझाव MyGov पोर्टल के जरिए भेज सकते हैं। ध्यान रहे, सुझाव भेजने की आखिरी तारीख 16 मार्च 2026 है। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, आयोग के गठन की अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी हुई थी। आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला है। अगर आयोग 2027 के मध्य तक रिपोर्ट सौंपता है, तो कर्मचारियों की जेब में बढ़ा हुआ पैसा 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में आने की संभावना है। हालांकि, कर्मचारियों की मांग है कि इसे 1 जनवरी 2026 से ही एरियर के साथ लागू किया जाए।
