जबलपुर: चेक बाउंस के 5 मामलों में जिम संचालिका को जेल


जबलपुर।
 व्यावसायिक लेन-देन में पारदर्शिता और चेक की विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से जबलपुर की एक अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ. गौरव गर्ग की अदालत ने चेक बाउंस के पांच अलग-अलग मामलों में एक महिला जिम संचालिका को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने न केवल कारावास की सजा सुनाई, बल्कि आरोपी पर भारी हर्जाना भी लगाया है।

​चेक बार-बार हुए डिशऑनर

​यह पूरा प्रकरण नेपियर टाउन निवासी अतुल अग्रवाल और शक्ति नगर स्थित 'बॉडी लाइन जिम' की संचालिका सपना चड्ढा के बीच हुए व्यावसायिक सौदे से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि अतुल अग्रवाल और सपना चड्ढा के बीच व्यापारिक लेन-देन हुआ था, जिसके भुगतान के लिए आरोपी महिला ने कई चेक जारी किए थे। जब इन चेकों को बैंक में भुनाने के लिए लगाया गया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण बैंक ने इन्हें 'डिशऑनर'  कर वापस कर दिया। चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता ने अपने वकील सुनील विश्वकर्मा के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

​लगातार की गई कानूनी नोटिस की अनदेखी 

​बैंक से चेक वापस मिलने के बाद, शिकायतकर्ता द्वारा आरोपी को विधिवत कानूनी नोटिस भेजे गए थे। कानून के अनुसार, नोटिस की अवधि समाप्त होने के बावजूद जब बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तब पीड़ित पक्ष ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से मजबूत साक्ष्य पेश किए गए, जिनमें विवादित चेक, बैंक से प्राप्त रिटर्न मेमो और कानूनी नोटिस की प्रतियां शामिल थीं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों का गहन सूक्ष्म परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपी ने 'परकाम्य लिखित अधिनियम' की धारा 138 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया है।

​आरोपी को तत्काल न्यायिक हिरासत में लिया

​अदालत ने सपना चड्ढा को कुल पांच मामलों (क्रमांक 418/2021, 1437/2021, 1463/2021, 419/2021 और 1464/2021) में दोषी पाया है। न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रत्येक मामले में आरोपी को छह-छह माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ आर्थिक दंड के रूप में प्रतिकार राशि  देने का भी आदेश दिया गया है। फैसले के तुरंत बाद, अदालत ने दोषी महिला को न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया और सजा वारंट जारी कर उन्हें जबलपुर केंद्रीय जेल भेज दिया।

वे मामले,जिनमें सजा हुई

  • प्रथम मामला: 52,200 रुपये
  • द्वितीय मामला: 2,14,000 रुपये
  • तृतीय मामला: 52,500 रुपये
  • चतुर्थ मामला: 52,000 रुपये
  • पंचम मामला: 56,000 रुपये 

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