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गंभीर संकट: साल भर में 54 और एक महीने में 9 बाघों की मौत,कोर्ट सख्त


जबलपुर
। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतों पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को 25 फरवरी तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का सख्त आदेश दिया है। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि बांधवगढ़ में बाघों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि साल 2025 में कुल 54 बाघों की जान गई थी, और साल 2026 की शुरुआत भी बेहद डरावनी रही है, जहाँ जनवरी के एक महीने के भीतर ही 9 बाघों की मौत हो चुकी है।

शिकार और बिजली के करंट का मुद्दा

​सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ने एक टीवी चैनल की एक न्यूज़ क्लिपिंग पेश की, जिसमें जनवरी 2026 में हुई 9 बाघों की मौत की पुष्टि की गई थी। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि रिजर्व में बड़े पैमाने पर अवैध शिकार चल रहा है और शिकारी बाघों को मारने के लिए बिजली के करंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी अपनी विफलता छिपाने के लिए इन मौतों का कारण आपसी संघर्ष बता रहे हैं। कोर्ट ने इन तर्कों को गंभीरता से लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को तय की है, जिसमें फील्ड डायरेक्टर को बाघों की इतनी बड़ी संख्या में हो रही मौतों का पूरा हिसाब देना होगा।

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