जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के रानी अवंती बाई सागर (बरगी) जल विद्युत गृह ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 508.08 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य आज सुबह 7:45 बजे प्राप्त कर लिया। यह सफलता निर्धारित समय सीमा से 39 दिन पहले हासिल की गई है, जो संयंत्र की तकनीकी दक्षता और बेहतर प्रबंधन को दर्शाती है।
शानदार तकनीकी प्रदर्शन और उच्च उपलब्धता
90 मेगावाट स्थापित क्षमता वाले इस संयंत्र ने परिचालन के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवधि में संयंत्र का प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर 93 प्रतिशत रहा। तकनीकी रूप से सुदृढ़ अनुरक्षण के कारण 'फोर्सड् आउटेज' (अचानक खराबी) मात्र 0.81 प्रतिशत रही, जबकि नियोजित शटडाउन केवल 4.47 प्रतिशत रहा। यह आंकड़े साबित करते हैं कि पुरानी मशीनों के बावजूद बेहतर रखरखाव से उच्च परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
38 वर्ष पुराने संयंत्र की दोनों इकाइयों का साझा योगदान
वर्ष 1988 में शुरू हुए इस 38 साल पुराने जल विद्युत गृह ने सामूहिक रूप से 12,130 घंटे का संचालन दर्ज किया। उत्पादन के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रथम यूनिट का 254.89 मिलियन यूनिट का उत्पादन रहा। वहीं द्वितीय यूनिट ने 253.19 मिलियन यूनिट का उत्पादन किया। अभियंताओं और ठेका श्रमिकों के सुरक्षित कार्य निष्पादन की वजह से परिचालन में कोई बाधा नहीं आई, जिससे परिचालन लागत में भी कमी आई है।
निरंतरता और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति की मिसाल
बरगी जल विद्युत गृह ने पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) में भी 508 मिलियन यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 509 मिलियन यूनिट का उत्पादन किया था। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस सफलता पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि समय से पूर्व लक्ष्य प्राप्त करना अब संस्थान की कार्यसंस्कृति का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने इसे सुविचारित निर्णय प्रक्रिया, प्रभावी मेंटेनेंस रणनीति और टीम भावना का सुखद परिणाम बताया।
