जबलपुर। जिले के बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मानेगांव में अवैध खनन रोकने पहुंचे तहसीलदार रविन्द्र पटेल और खनिज निरीक्षक को डंपर से कुचलने की धमकी देने के गंभीर मामले पर मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए जबलपुर कलेक्टर से दो सप्ताह के भीतर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तलब किया है। घटना विगत 9 जनवरी की है, जब कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार की टीम मुरम-गिट्टी के अवैध भंडारण की जांच करने पहुंची थी। टीम ने जब तीन डंपरों को रोककर रॉयल्टी के दस्तावेज मांगे, तो चालकों ने कागज दिखाने के बजाय वाहन मालिक रोहित जैन को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि खनिज कारोबारी रोहित जैन ने न केवल तहसीलदार के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की, बल्कि सरेआम ड्राइवर को आदेश दिया कि तहसीलदार पर डंपर चढ़ा दो, जो होगा देखा जाएगा।
दोषियों पर क्या एक्शन हुआ
समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय ने इस मामले को जनहित और मानवाधिकारों के हनन से जुड़ा पाया। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर को निर्देशित किया है कि वे इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्म जांच कराएं और दोषियों के विरुद्ध अब तक की गई वैधानिक कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।
