नई दिल्ली. केंद्र सरकार की ओर से लागू की गईं चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में देश भर में केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने 12 फरवरी को राष्ट्रीय आम हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी रेल जोनों के जीएम को पत्र जारी कर एहतियात बरतने के निर्देश दिये हैं. रेलवे बोर्ड ने सभी महाप्रबंधकों को लिखे पत्र में कहा है, जिसमें कहा गया है कि सेंट्रल ट्रेड यूनियनों (CTUs) और सेक्टोरल फेडरेशन और एसोसिएशन के जॉइंट प्लेटफॉर्म ने 12 फरवरी 2026 को आम हड़ताल का आह्वान किया है, ताकि अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करवाया जा सके, जिसमें 04 लेबर कोड को वापस लेना, पब्लिक सेक्टर के उद्यमों का निजीकरण रोकना और सरकारी विभागों का कॉर्पोरेटाइजेशन आदि शामिल हैं।
इसे देखते हुए, अनुशासन बनाए रखने और रेल आवाजाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाने चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि रेलवे कर्मचारियों को हेडक्वार्टर छोडऩे के लिए अपने सक्षम अधिकारी से ज़रूरी अनुमति लेनी होगी।
उनका ध्यान संबंधित दंडात्मक प्रावधानों यानी रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 173, 174 और 175 की ओर दिलाया जाना चाहिए, जो बिना अनुमति के ट्रेन छोडऩे, ट्रेन के चलने में बाधा डालने और नियमों का पालन न करके लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के मामलों में लागू होते हैं।

