जबलपुर। गोहलपुर थाना अंतर्गत फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले के मुख्य आरोपी और निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा समेत उसके भांजे यूसुफ जावेद पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पार्षद पर आरोप है कि उसने संगठित गिरोह बनाकर फर्जी आधार कार्ड और फर्जी महिला के जरिए अधिवक्ता मोहम्मद अल्तमश और हाजी मोहम्मद असलम पहलवान के प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री करवाई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे षड्यंत्र का जाल पार्षद के कार्यालय से ही बुना गया था।
हिस्ट्रीशीटर पार्षद के खिलाफ दर्जन भर से ज्यादा मामले दर्ज
फरार पार्षद शफीक हीरा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने न केवल उस पर इनाम घोषित किया है, बल्कि उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोल दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि पार्षद के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, जुआ और आर्म्स एक्ट जैसे एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। गोहलपुर पुलिस इस मामले में अब तक शाहजहाँ, जावेद उर्फ गोश बाबू और कलीम को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी पार्षद और उसका भांजा पिछले कई समय से पुलिस को चकमा दे रहे हैं।
डेढ़ माह से फरार पार्षद सोशल मीडिया पर सक्रिय
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पार्षद शफीक हीरा पिछले डेढ़ महीने से फरार है, लेकिन वह लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर रहा है। वहीं, उसका भांजा यूसुफ जावेद करीब 6 महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। लंबे इंतजार के बाद अब जाकर पुलिस ने इन पर इनाम घोषित किया है। पीड़ित अधिवक्ता और उनके परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए बताया कि संजीवनी अस्पताल के पास स्थित प्लॉट नंबर 98 पर उनका कब्जा है, लेकिन भू-माफिया गिरोह से उन्हें जान का खतरा बना हुआ है।
जिला अधिवक्ता संघ की सक्रियता से बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार
इस पूरे प्रकरण में जिला अधिवक्ता संघ ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संघ द्वारा शिकायत प्रस्तुत किए जाने के बाद विधिक कार्यवाही में तेजी आई है। पीड़ितों ने मांग की है कि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क (राजसात) करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। पुलिस फिलहाल असगर अली, टीपू और आयुष जैसे अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। स्थानीय पुलिस का दावा है कि आरोपियों के छिपने के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
