महंगी बिजली का 'शॉक' या मिलेगी राहत? कंपनियों की 10.2% वृद्धि की मांग पर जनसुनवाई , विरोध में उतरे एक्सपर्ट


जबलपुर
। मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर महंगाई की एक और मार पड़ने की संभावना है। प्रदेश की विद्युत कंपनियों ने 1 अप्रैल 2026 से बिजली की दरों में 10.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इस मांग पर मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग  उपभोक्ताओं की आपत्तियां सुनने के लिए 23 फरवरी से 26 फरवरी तक जनसुनवाई आयोजित करने जा रहा है।

हाइब्रिड मोड पर होगी सुनवाई

​आयोग ने इस बार जनसुनवाई को 'हाइब्रिड मोड' पर रखने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता अपनी बात रख सकें। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज करा दी हैं, वे दो तरीकों से शामिल हो सकते हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं या भोपाल स्थित विद्युत नियामक आयोग के कोर्ट कक्ष में स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।

दाम बढ़ने के बजाय 15% कम हो सकते हैं:विशेषज्ञ

​बिजली कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने के तर्क को विशेषज्ञों ने चुनौती दी है। विद्युत मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने जानकारी दी है कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके विपरीत, यदि गणना सही तरीके से की जाए तो टैरिफ में 15 प्रतिशत तक की कमी की जा सकती है। एडवोकेट अग्रवाल ने बताया कि वे दस्तावेजी प्रमाणों के साथ आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। वे 23 फरवरी को निर्धारित सत्यापन याचिका (2024-25) और 24 फरवरी को पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की जनसुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर उपभोक्ताओं के हक में अपनी दलीलें पेश करेंगे।

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