जबलपुर। साल 2025 में पितृपक्ष का आरंभ 7 सितंबर से होगा, जिसका समापन 21 सितंबर को होगा। लेकिन, पितृपक्ष के शुरूआत में ही साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण लगेगा। 7 सिंतबर को लगने वाला चंद्रग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन देर रात 1 बजकर 26 मिनट तक होगा। इसकी कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट होगी।
ज्योतिषविद पंडित कामता तिवारी के मुताबिक पितृ पक्ष पर लगने वाले चंद्रग्रहण का छाया बेहद अशुभ है, जो कि कुछ राशियों के लिए तकलीफदेह हो सकता है।
ये है राशियां और उनके संभावित परिणाम
सिंह - चंद्र ग्रहण का प्रभाव सिंह राशि के लिए काफी तकलीफदायक होगा। इससे उन्हें दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में भी उतार.चढ़ाव देखने को मिलेगा।
कर्क - कर्क राशि को बडे़ कार्य करने से बचना होगा। धन की हानि भी हो सकती है। खर्च बढ़ेगे और बचत पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।
मकर - इस राशि के लोगों के लिए चंद्र ग्रहण काफी कष्टकारक हो सकता है। परिवार में क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। आपसी मतभेद और मनमुटाव भी देखने को मिलेगे, जिससे तनाव बढ़ सकता है।
कुंभ - चंद्र ग्रहण का असर कुंभ राशि वालों पर भी पड़ेगा। बेवजह चिंता से बचना चाहिए, नहीं तो तनाव बढ़ेगां। लालच पर नियंत्रण रखे। अपका कोई खास आपको धोखा दे सकता है।
