मुक्तिधाम से एसबीआई कॉलोनी तक मेन रोड निर्माण का मामला
जबलपुर। उखरी मुक्तिधाम से एसबीआई कॉलोनी तक बनने वाली सड़क पर नाली के बाद अब फुटपाथ हड़पा जा रहा है और जिम्मेदार हाथ पर हाथ रखकर तमाशा देख रहे हैं। हालत यह हो गई है कि सड़क के किनारे कैचमेंट एरिया में बनने वाले फुटपाथ का को कोई साइज नहीं बचा है। कहीं दो फीट तो कहीं पांच फीट का है। इससे नई सड़क का औचित्य कुछ भी नहीं बचेगा, जहां सड़क पर पार्किंग होने से हालात जस के तस हो जाएंगे।
मुक्तिधाम तिराहे से कॉलोनी की ओर हाल ही में कॉन्क्रीट की सड़क बनाई गई है। परतदार सड़क निर्माण के साथ ही सड़क की मजबूती के लिए दोनों किनारों पर दो फीट गहराई करके उसमें हार्डमुरम बिछाकर उस पर फुटपाथ के तहत पेवर ब्लॉक्स लगाए जा रहे हैं। जानकार कहते हैं कि इससे सड़क को मजबूती मिलेगी और साथ ही पैदल चलने वाले लोगों को आसान होगा।
आधे से ज्यादा दूरी तक रैम्प
इस जगह पर हालत यह हो गई है कि यहां लोगों के घरों और दुकानों के कॉन्क्रीट के रैम्प आधे फुटपाथ से आगे बढ़े हुए हैं। कुछ जगहों पर ये नई सड़क तक पहुंच गए हैं। इन जगहों पर दिखाने के लिए एक, डेढ़ फीट का फुटपाथ बनाकर खानापूर्ति की जा रही है।
नाली पहले दबा दी गई
जानकार कहते हैं कि मेन रोड पर व्यवसाय करने वाले और रहने वाले लोगों ने अपने घरों के सामने सड़क तक रैम्प बना लिया है। इससे नाली उसमें नीचे दबा दी गई है। नाली सफाई के लिए चैम्बर तक नहीं छोड़े गए हैं। इससे जाहिर है कि बारिश में जलप्लावन का खतरा हो सकता है। उधर, भीड़ के दबाव में यहां जाम के हालत भी बन रहे हैं।
ये हैं हालत
- मुक्तिधाम तिराहे से सड़क के शुरू होते ही एक ओर दो फीट और दूसरी ओर तीन फीट में पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं।
- संगम कॉलोनी मोड़ के आगे दुकानों के रैम्प सड़क तक पहुंच गए हैं। यहां फुटपाथ के लिए मात्र एक फीट की जगह है।
- स्कूल के सामने सड़क किनारे पांच फीट में पेवर ब्लॉक लगाने की तैयारी है। यहां लोगों के घरों तक फुटपाथ पहुंच रहा है।
- हार्डवेयर दुकान के सामने दो फीट में पेवर ब्लॉक लगाकर उसे पैक कर दिया गया है। वहीं सामने तीन फीट की जगह छोड़ी है।
- मोड़ के पहले दोनों ओर व्यवस्थित पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं। इस जगह पर फुटपाथ घरों से दूर है।
उखरी के मुक्तिधाम तिराहे से कॉलोनी की ओर सड़क निर्माण में पेवर ब्लॉक को दिखवाया जाएगा। निर्माण एजेन्सी को गाईडलाइन के हिसाब से काम करने कहा जाएगा।
कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री, नगर निगम


