आगरा. उत्तर मध्य रेलवे के आगरा रेल मंडल के डीआरएम ऑफिस में 30 साल के असिस्टेंट ऑपरेटिंग मैनेजर (एओएम) ने सुसाइड कर लिया। उनका शव चैंबर में कुर्सी पर पड़ा मिला। रविवार देर रात तक अभिषेक सिंह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
उन्होंने ऑफिस में फोन किया। साथी कर्मचारी उनके चैंबर के पास पहुंचे। चैंबर खुला था और अभिषेक सिंह कुर्सी पर मृत मिले। मुंह से झाग निकल रहा था। आसपास कुछ गोलियां पड़ी थीं। शव देखकर मां बेहोश हो गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है। पत्नी आस्था ने आरोप लगाया कि अधिकारी उन्हें प्रताडि़त करते थे।
इधर, सोमवार सुबह रेलवे कर्मचारी भड़क गए हैं। डीआरएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कर्मचारियों का शोषण बंद करो, अधिकारियों को जेल भेजो जैसे नारे लगा रहे हैं। अफसर कर्मचारियों को समझाने में जुटे हैं। पुलिस का कहना है कि 2 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें अभिषेक ने किसी को भी मौत का जिम्मेदार नहीं बताया है। उन्होंने लिखा है कि वो एक अच्छे बेटे और पति नहीं बन पाए। वो समाज और नौकरी के बीच सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे हैं। मैं इस नौकरी के लिए फिट नहीं हूं। उन्होंने माफी भी मांगी है।
घर के इकलौते बेटे थे, तनाव में चल रहे थे
एओएम अभिषेक सिंह परिवार के इकलौते बेटे थे। 3 महीने पहले ही उनका प्रयागराज से आगरा ट्रांसफर हुआ था। वह डीआरएम ऑफिस कैंपस में बने सरकारी आवास में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। परिवार में पत्नी आस्था, मां सुशीला और दो बच्चे हैं। उनका एक बेटा 4 महीने पहले ही पैदा हुआ था। उनके घर और ऑफिस के बीच करीब 200 मीटर की दूरी है। बताया जा रहा है कि अभिषेक काफी दिनों से तनाव में थे।
घर से डायरी लेकर ऑफिस गए, फिर नहीं लौटे
अभिषेक रविवार सुबह ऑफिस आए थे। दोपहर 3 बजे घर गए और वहां से एक डायरी लेकर लौटे। इसके बाद घर नहीं पहुंचे। रात 9 बजे तक अभिषेक के घर न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने फोन किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद साथी कर्मचारियों को फोन कर बताया कि अभिषेक घर नहीं आए हैं। कुछ देर बाद साथियों ने परिजनों को अभिषेक की मौत की सूचना दी। यह सुनते ही घरवाले ऑफिस पहुंचे। शव देखकर पत्नी आस्था और मां सुशीला देवी फूट-फूटकर रोने लगीं। अभिषेक की मौत की खबर से डीआरएम ऑफिस में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची और जांच-पड़ताल की।
पत्नी बोलीं- अधिकारी कहते थे, जिंदगी बर्बाद कर दूंगा
पत्नी आस्था ने बताया कि सीनियर अधिकारी उनके पति को प्रताडि़त कर रहे थे। अभिषेक कहते थे कि सब फिर ठीक हो जाएगा। मुझे ट्रेनिंग पर भी नहीं जाने दे रहे हैं। दो बार नाम आया, लेकिन दोनों बार मेरी ट्रेनिंग कैंसिल कर दी। आस्था ने बताया कि अधिकारी हमेशा अभिषेक को डांटते रहते थे। वह कहते थे कि नौकरी नहीं हो पा रही है। बहुत कठिन है। यहां बहुत डांटते हैं। मैंने उनसे कहा कि अधिकारियों से काम समझने के लिए थोड़ा समय मांगिए। लेकिन अधिकारी समय नहीं दे रहे थे। कहते थे कि बहुत समय दे दिया। अधिकारी कहते थे कि तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर देंगे। मैं पति को समझाती थी कि परेशान मत हो। नौकरी नहीं हो रही है तो छोड़ दीजिए। गांव वापस चलेंगे और प्राइवेट नौकरी कर लेंगे।
दो पेज का सुसाइड नोट छोड़ा
एसीपी सदर अमीषा ने बताया- पुलिस को मृतक के पास से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि वो एक अच्छे बेटे और पति नहीं बन पाए। वो समाज और नौकरी के बीच सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे हैं। मैं इस नौकरी के लिए फिट नहीं हूं। उन्होंने माफी भी मांगी है।
