जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव की अगुवाई में संपन्न हुई समीक्षा बैठक के दौरान नियमित, संविदा तथा आउटसोर्स वर्ग के मैदानी अमले की ज्वलंत समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान संघ पदाधिकारी केएन लोखंडे, एसके शाक्य, एसके मौर्य, शशि उपाध्याय, दशरथ शर्मा, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत एवं संदीप दीपंकर ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। संगठन ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले जबलपुर, सागर, रीवा तथा शहडोल रीजन के मुख्य अभियंताओं को लिखित पत्र प्रेषित कर साफ किया कि बीते 1 वर्ष में समस्त संवर्गों से सभी सार्वजनिक व साप्ताहिक अवकाशों पर लगातार कार्य लिया गया। इसके बावजूद प्रबंधन ने मैदानी कार्मिकों को नियमानुसार मिलने वाले दोहरे पारिश्रमिक तथा रात्रि ड्यूटी भत्ते की लंबित राशि अब तक प्रदान नहीं की है। विद्युत आपूर्ति को चौबीसों घंटे सुचारू बनाए रखने वाले तकनीकी अमले में इस वित्तीय अनदेखी के चलते गहरा असंतोष पनप रहा है। संगठन ने दो टूक चेतावनी देते हुए शीर्ष प्रबंधन से आग्रह किया है कि रोशनी के पावन पर्व से पूर्व संपूर्ण बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि हजारों कार्मिकों के परिवार भी उल्लासपूर्वक दीपोत्सव मना सकें।
