जबलपुर। कैंट क्षेत्र स्थित सदर मेनरोड पर बुधवार सुबह रक्षा संपदा विभाग और छावनी परिषद के संयुक्त अमले ने व्यापक स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। जायसवाल पेट्रोल पंप के पीछे बंगला नंबर 25 चंसोरिया कंपाउंड की करीब 2000 से 3000 वर्ग फीट जमीन पर लंबे समय से अनाधिकृत रूप से ढांचा खड़ा किया जा रहा था। इस निर्माण कार्य के खिलाफ रक्षा संपदा अधिकारी नेहा गुप्ता को शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तकनीकी अमले और डीईओ कार्यालय की टीम को तत्काल स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए। जांच में भूमि पर किया जा रहा कार्य पूरी तरह गैरकानूनी साबित हुआ। इसके बाद सुबह होते ही संयुक्त दल ने सेना की त्वरित प्रतिक्रिया टीम क्यूआरटी की भारी मौजूदगी के बीच अवैध निर्माण को पूरी तरह धराशायी कर दिया।
क्यूआरटी सुरक्षा घेरे में गिराया गया ढांचा
सुबह के वक्त भारी पुलिस बल, छावनी परिषद के इंजीनियर और अन्यांकृति दल के सदस्य बुलडोजर एवं आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचे। संवेदनशील इलाका होने और विरोध की आशंका को देखते हुए सेना की क्यूआरटी को चारों तरफ मुस्तैद किया गया था, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रही। प्रशासनिक अमले ने देखते ही देखते पूरे अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया। अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से सदर इलाके के कब्जाधारियों में भारी खलबली मच गई।
उमर खय्याम रेस्टोरेंट वाली सील जमीन
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार जिस भूमि पर नया निर्माण खड़ा करने की कोशिश की जा रही थी, वहां पहले उमर खय्याम नाम से एक मशहूर रेस्टोरेंट और आहाता संचालित होता था। इस परिसर पर नियमों के उल्लंघन के चलते रक्षा संपदा विभाग ने वर्ष 2016 में ही सील लगाने की कार्रवाई की थी। इसके बावजूद सरकारी सील की अनदेखी कर वहां दोबारा अवैध ढांचा तैयार किया जा रहा था। विभाग ने जमीन को पुनः अपने पूर्ण नियंत्रण में लेकर स्पष्ट किया है कि रक्षा भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
