khabar abhi tak

MP- खराब रिजल्ट वाले 300 स्कूल रडार पर, 50% से कम अंक आए तो शिक्षकों पर कार्रवाई

 
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले सत्र में खराब परीक्षा परिणाम देने वाले 300 सरकारी स्कूलों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। इनमें 50 हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा था, जबकि 250 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में यह 30 से 40 प्रतिशत के बीच था। विभाग ने इस बार इन स्कूलों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य तय किया है। लक्ष्य हासिल नहीं होने पर प्राचार्यों, प्रधानाध्यापकों और संबंधित शिक्षकों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए विभाग ने सत्र की शुरुआत से ही इन स्कूलों की निगरानी शुरू कर दी है। छमाही परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों की कमजोरियों का आकलन किया जाएगा, ताकि वार्षिक परीक्षा से पहले उनकी तैयारी बेहतर की जा सके।

कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं

छमाही परीक्षा में कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए अतिरिक्त और रेमेडियल कक्षाएं लगाई जाएंगी। शनिवार को भी विशेष कक्षाओं का आयोजन होगा। विभाग का जोर पूरे सत्र के दौरान पढ़ाई का स्तर सुधारने पर है, ताकि परीक्षा के अंतिम समय में विद्यार्थियों पर तैयारी का अतिरिक्त दबाव न पड़े।

खराब परिणाम पर शिक्षकों की जवाबदेही

जिन स्कूलों का वार्षिक परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहेगा, वहां प्राचार्य, प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा होगी। लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसमें वेतनवृद्धि रोकने जैसी दंडात्मक कार्रवाई भी शामिल है।

हर महीने होगी समीक्षा

स्कूलों में हर महीने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की जाएगी। कमजोर विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें बच्चों की पढ़ाई में सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही शिक्षकों को समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने और नियमित टेस्ट लेने के निर्देश दिए गए हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak