khabar abhi tak

जबलपुर देश का इकलौता शहर जहां नालों से गुजर रहीं एक हजार किलोमीटर पाइपलाइनें,आक्रोश



जबलपुर।  शहर में आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर नगर निगम प्रशासन कतई गंभीर नहीं दिख रहा है। इसी गंभीर लापरवाही और जनस्वास्थ्य से जुड़े संकट के खिलाफ नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आबादी को साफ पानी देने के मामले में जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए संगठन के प्रमुख डॉ. पी.जी. नाजपांडे, एड. वेदप्रकाश अधौलिया, सुभाष चन्द्रा, एड. जी.एस. सोनकर, एड. यशवंत कोष्टा, अर्जुन कुमार, ऋषि उपाध्याय और राममिलन शर्मा सहित अनेक नागरिकों ने नगर निगम के उदासीन रवैये के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।

60 प्रतिशत पाइपलाइनें नालों में सड़ रहीं

​प्रदर्शन के दौरान पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शहर में कुल 1700 कि.मी. पेयजल नेटवर्क बिछा हुआ है। इसमें से 1020 कि.मी. लंबी पाइप लाइनें सीधे तौर पर गंदे नालों और नालियों के गंदे पानी के बीच से निकल रही हैं। जबलपुर पूरे देश में अकेला ऐसा शहर बन गया है, जहां 60 प्र.श. जलापूर्ति लाइनें कीचड़ व दूषित पानी में डूबी हुई हैं।

​जंग लगने से लीकेज, डीपीआर तक तैयार नहीं

​आमतौर पर जमीन के नीचे बिछने वाली पाइप लाइनों की तय उम्र 20 वर्ष मानी जाती है। इसके विपरीत शहर में पानी सप्लाई कर रहीं अधिकांश लाइनें 40-50 वर्ष पुरानी हो चुकी हैं। गंदे नालों के संपर्क में आने से रासायनिक प्रक्रिया के कारण लोहे की इन लाइनों में भयंकर जंग लग चुका है, जिसके चलते अनगिनत स्थानों पर लीकेज हो रहे हैं। इस भयानक स्थिति के बाद भी निगम ने लाइन बदलने हेतु कोई डीपीआर तक तैयार नहीं किया है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak