जबलपुर। गोलबाजार में लगे दशहरा-दीपावली मेले में रविवार देर रात 11:30 से 12 बजे के बीच गोल घूमने वाले झूले का सुरक्षा द्वार अचानक खुलने से पल्लवी और आशीष यादव नीचे गिर पड़े। इस हादसे में पल्लवी को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि आशीष भी घायल हुआ है। दोनों बच्चों को तुरंत उपचार के लिए निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। प्रत्यक्षदर्शी एसके निगम के अनुसार पल्लवी मोबाइल से रील बनाते समय दरवाजे के सहारे खड़ी थी, तभी लॉक छूटने से यह घटना हुई। सूचना मिलते ही लार्डगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीएसपी अखिलेश गौर के नेतृत्व में झूले की तकनीकी खामियों तथा झूला संचालक की भूमिका की वैधानिक जांच शुरू कर दी गई।
रील बनाने के दौरान अचानक खुला दरवाजा
मेले में संचालित यह झूला लगभग 10 से 15 फीट के दायरे में तेज रफ्तार से चक्राकार घूमता है, जिसमें सवार लोगों को सुरक्षा पाइप पकड़कर खड़े रहना होता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा कि झूले के चक्कर काटते समय पल्लवी दरवाजे से सटकर खड़ी होकर फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी। उसी क्षण तेज गति और दबाव के कारण गेट की कुंडी खुल गई। संभलने का मौका मिलने से पहले ही पल्लवी का संतुलन बिगड़ा और उसके पास खड़ा आशीष भी चपेट में आकर साथ ही नीचे जा गिरा। नीचे खड़े लोगों में चीख-पुकार मच गई और ऑपरेटर ने तुरंत मोटर बंद की।
परिजनों ने झूला संचालक पर लगाया आरोप
आशीष की मां सरिता यादव ने बताया कि सब कुछ पलक झपकते ही हो गया, जिससे पास होने के बावजूद वे अपने बेटे को थाम नहीं सकीं। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से झूला प्रबंधन की चूक है, क्योंकि अगर गेट ठीक से बंद होता तो कभी नहीं खुलता। उन्होंने संचालक से दोनों बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाने और उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झूला ज्यादा ऊंचाई पर नहीं था, जिससे बहुत बड़ा अनिष्ट टल गया। लार्डगंज पुलिस अब परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
