इस घटना को लेकर चाचा सुरेंद्र लोधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि 11 अक्टूबर की सुबह रामसिंग लोधी और रघुराज लोधी ने नीता पर गर्म चाय डाल दी थी। इससे वह बुरी तरह झुलस गई थी। परिजन उसे हट्टा सिविल अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दमोह रेफर किया गया। दमोह में एक दिन इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर नीता को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बीती शाम शव लेकर महुआखेड़ा पहुंचे। नीता की मौत की खबर मिलने पर मायके पक्ष के लोग गांव पहुंचे जिन्होने पावर हाउस के पास मडिय़ादो-फतेहपुर मार्ग पर धरना देकर प्रदर्शन शुरु कर दिया, इस दौरान नीता की दादी ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष पहले भी कई बार उसके साथ मारपीट कर चुका था। परिजनों ने दहेज प्रताडऩा के आरोप भी लगाए। नीता के तीन छोटे बच्चे हैं। सूचना मिलने पर मडिय़ादो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने करीब एक घंटे तक परिजनों को समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खुलवाया गया और शव को अस्पताल में रखवाया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दमोह। दमोह के मडिय़ादो स्थित महुआखेड़ा गांव की नीता लोधी की जबलपुर मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। नीता की मौत की खबर से परिजन आगबबूला हो गए, उन्होने मडिय़ादो-फलेहपुर रोड पर धरना देकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। परिजनों का आरोप था कि नीता को खौलती चाय डालकर जला दिया गया है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पहंच गए, जिन्होने मामले की जांच के बाद उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
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