जबलपुर। नगर निगम के नवनियुक्त निगमायुक्त अग्रिम कुमार ने पदभार संभालने के दूसरे दिन गुरुवार को सुबह 6.30 बजे शहर की जमीनी व्यवस्था परखने के लिए सघन दौरा किया। रानीताल, सर्वोदय नगर, आगा चौक, गढ़ा फाटक और पोली पाथर ललपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचे निगमायुक्त के साथ अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, उपायुक्त संभव अयाची और स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा मौजूद रहे। इस दौरान साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति और सीवर शोधन की बारीकियों को देखा गया। गढ़ा फाटक में जल रिसाव की अनदेखी पर संबंधित उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। फील्ड पर पूरे अमले की समयबद्ध मौजूदगी तय करते हुए उन्होंने जनसमस्याओं के तय सीमा में स्थायी समाधान का खाका खींचा।
सफाई व्यवस्था को तीन अलग जोनों में बांटा
शहरी स्वच्छता को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए नया प्रशासनिक फार्मूला अमल में लाया जाएगा। इसके तहत पूरे क्षेत्र को रेड, येलो और ग्रीन जोन में वर्गीकृत करके काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस वर्गीकरण से सफाई मित्रों और संसाधन आवंटन को केंद्रित किया जा सकेगा, जिससे अधिक गंदगी वाले स्थानों की पहचान कर तुरंत परिणाम मिल सकें। स्वच्छता भारत मिशन और जल प्रदाय विभाग का अमला आपसी समन्वय से संयुक्त मुआयना करेगा, जिससे दोनों व्यवस्थाएं समानांतर रूप से बिना किसी अवरोध के सुचारु रहें। स्वच्छता अमले को सुबह की पाली में अनिवार्य रूप से सड़कों पर उपस्थित रहने का नियम कड़ाई से लागू किया जा रहा है।
जीपीएस आधारित तकनीक से हल होगी सीवर समस्या
ललपुर स्थित सीवेज शोधन संयंत्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान सीवर तंत्र के आधुनिक प्रबंधन पर निर्णय हुआ। वाश ऑन व्हील्स तकनीक की तर्ज पर जीपीएस आधारित मोबाइल एप्लिकेशन तैयार किया जाएगा, जिसमें भूमिगत नालियों की शिकायतों को दर्ज कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता में रखते हुए उन्हें 100% सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सफाई मित्रों को राज्य शासन द्वारा तय मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित किया जाएगा, ताकि मध्यस्थ व्यवस्था समाप्त हो और उन्हें आर्थिक हक सीधे तौर पर मिल सके।
