khabar abhi tak

जबलपुर के लार्डगंज थाना में युवक की हिरासत में मौत, परिजनों का आरोप, पुलिस ने पीट-पीट कर मार डाला..!

जबलपुर। जबलपुर के लार्डगंज थाना में आकाश नामक युवक की संदिग्ध हालात में मौत से बवाल मच गया है। आकाश की मौत के बाद परिजनों ने थाना पहुंचकर हंगामा कर दिया, परिजनों ने आरोप लगाए कि आकाश को हिरासत में रखकर बुरी तरह पीटा गया है, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए है। 
                                   खबर है कि शहपुरा निवासी आकाश नामक युवक अपने छोटे भाई विवेक चौधरी व दोस्तों के साथ जबलपुर दशहरा घूमने आया था। बीती रात 9 बजे के लगभग आकाश बड़ी महाकाली के दर्शन करने के लिए गढ़ाफाटक पहुंचा, जहां पर भीड़ में आकाश अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना रहा था, इस दौरान इस दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मी उसे पकड़कर लार्डगंज थाने ले गए। छोटा भाई विवेक भी पीछे-पीछे थाने पहुंचा था, लेकिन उसे घर जाने के लिए कहकर भगा दिया गया और सुबह छोडऩे की बात कही गई। इसके बाद आज सुबह करीब 4 बजे कोटवार ने फोन पर परिवार को आकाश की मौत की सूचना दी। मृतक की मां ममता चौधरी और भाई विवेक ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि थाने ले जाते वक्त आकाश पूरी तरह स्वस्थ था और उसे कोई बीमारी नहीं थी। परिजनों का सवाल है कि यदि आकाश नशे में था या उससे कोई गलती हुई थी, तो पुलिस ने तुरंत परिवार को फोन क्यों नहीं किया? मां ने पुलिस द्वारा हार्ट अटैक से मौत के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि थाने के भीतर पुलिसकर्मियों की पिटाई से उसकी जान गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है-

मामले में सीएसपी अखिलेश गौर ने परिजनों के मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि महाकाली माता के दर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा अभद्रता करने की सूचना मिली थी, जिसके बाद समिति के लोगों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। उस वक्त युवक अत्यधिक नशे की हालत में था और थाने में बैठाए जाने के कुछ देर बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कोर्ट ने दिए न्यायिक जांच के आदेश-

पुलिस प्रशासन ने मामले में पारदर्शिता बरतने का निर्णय लिया है। एसपी के निवेदन पर अदालत ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि लार्डगंज थाने में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, और जांच के दौरान कोर्ट जिस तरह चाहे, फुटेज की निष्पक्ष जांच कर सकता है।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak