जबलपुर। पंडित राम शंकर बन्नीलाल पाठक शासकीय महाविद्यालय बरेला में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की पहल पर चलाए गए कुकिंग एवं बेकिंग प्रशिक्षण का समापन आज हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा विभाग जबलपुर संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. अलकेश चतुर्वेदी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में योजना के संभागीय मार्गदर्शक प्रो. अरुण शुक्ल मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने की, जबकि पूरे सत्र का संयोजन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. ऋतु श्रीवास्तव की देखरेख में संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक श्रीमती सीमा शुक्ला और कुमारी आयुषी गुप्ता ने छात्राओं को विविध व्यंजन तथा बेकरी उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया। अंत में डॉ. अजीत राय ने सभी का आभार जताया।
पारंपरिक शिक्षा के साथ जरूरी है व्यावहारिक पाक कला
मुख्य वक्ता ने सभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि किताबी ज्ञान अपनी जगह मूल्यवान है, लेकिन मौजूदा दौर में आजीविका के नए रास्ते तलाशने के लिए हाथों में हुनर होना अनिवार्य है। देश की समृद्ध खानपान संस्कृति को व्यावसायिक स्तर पर अपनाकर युवा वर्ग बड़े पैमाने पर नए अवसर पैदा कर सकता है। खानपान के क्षेत्र में काम की कोई कमी नहीं है, बस तकनीक और प्रस्तुति की सही समझ होनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि ने प्रतिभागियों की मेहनत को सराहते हुए निरंतर रियाज पर जोर दिया। किसी भी विधा में पारंगत होने के लिए समय और लगन की आवश्यकता होती है। जब युवा आत्मनिर्भर बनने की ठान लेते हैं, तभी देश के आर्थिक विकास को सही गति मिलती है। ऐसे हुनरमंद प्रयास घरेलू स्तर से लेकर बड़े बाजारों तक अपनी सीधी पहचान बनाते हैं।
प्रशिक्षण से छात्राओं में जागा उद्यमिता और नया आत्मविश्वास
प्राचार्य ने कहा कि कम समय के ऐसे उपयोगी शिविर छात्राओं की सोच को विस्तार देते हैं। जब कोई प्रतिभागी खुद चीजें बनाना सीखता है, तो उसके भीतर खुद का काम शुरू करने का भरोसा जगता है। प्रशिक्षकों ने ओवन के इस्तेमाल, तापमान नियंत्रण, सामग्री के सही अनुपात और सजावट की बारीकियों को सहजता से समझाया। केक, बिस्कुट, पेस्ट्री और स्थानीय नमकीन उत्पादों को व्यावसायिक गुणवत्ता के साथ तैयार करने के तौर-तरीके सिखाए गए। सत्र में भाग लेने वाली छात्राओं ने मंच से अपने अनुभव रखे। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण ने रसोई के काम को एक पेशेवर रूप में देखने का नया नजरिया दिया है। अब वे अपने स्तर पर छोटे ऑर्डर लेकर बेकरी उत्पादों की बिक्री शुरू करने की योजना बना रही हैं। समापन बेला में सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को विधिवत प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जिससे उनके चेहरों पर उत्साह साफ दिखाई दिया। पूरे आयोजन में महाविद्यालयीन स्टाफ और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।
