वेतन में कटौती और प्रताडऩा का मामलापीडि़त कर्मचारी हरजीत सिंह गोदरे के अनुसार, नगर निगम में ठेका कर्मियों का निर्धारित मासिक वेतन लगभग 9,300 है। लेकिन इस माह उसे बिना किसी उचित कारण के केवल 5,900 का ही भुगतान किया गया। हरजीत ने आरोप लगाया कि वह नियमित रूप से दोनों पालियों (शिफ्टों) में ईमानदारी से ड्यूटी पूरी कर रहा था, फिर भी उसकी आधी हाजिरी काटकर महज 15 दिनों का वेतन दिया गया। पीडि़त ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार भी लगाई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उसने सीधा आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद पति और नगर निगम के सुपरवाइजर उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रहे हैं और उन्हीं के शह पर यह कटौती की गई है। प्रशासनिक पक्ष और आगे की कार्रवाईदेर शाम हुई इस घटना की खबर मिलते ही नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल, प्रबंधन ने स्थिति पर चुप्पी साध रखी है और उनका कहना है कि मामले की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। वेतन कटौती का वास्तविक आधार क्या था और लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है, यह निगम की आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।