जबलपुर। एमपी के भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर गुरुवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में सुनवाई हुई। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने गिरिबाला सिंह को जमानत आवेदन में संशोधन की अनुमति दे दी।
अब आवेदन में दहेज प्रताडऩा से संबंधित आरोप के बजाय आत्महत्या से जुड़े आरोपों पर सुनवाई होगी। मामले में अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने हाईकोर्ट में लिखित आपत्ति पेश की थी। इसमें बताया गया था कि मामले में दहेज की मांग किए जाने से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसके बाद गिरिबाला सिंह की ओर से जमानत आवेदन में संशोधन कर दहेज प्रताडऩा से संबंधित धारा हटाने की अनुमति मांगी गई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान उनकी ओर से आवेदन में सुधार की दरख्वास्त पेश की गई, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। जमानत आवेदन में संशोधन के बाद अब मामला आत्महत्या से जुड़े आरोपों के संदर्भ में आगे बढ़ेगा। हाईकोर्ट ने संशोधन की अनुमति देते हुए जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है।
12 मई को ट्विशा ने आत्महत्या की थी-
गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा ने 12 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद ट्विशा के परिजन ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजन का आरोप था कि ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था और मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ प्रताडऩा की गई। परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया था कि लगातार मानसिक प्रताडऩा के चलते ट्विशा ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
