khabar abhi tak

पंजाबी दशहरा:​धू-धू कर जले रावण और कुंभकर्ण, गूंजा प्रभु श्रीराम का जयकारा,देखें वीडियो





जबलपुर
। पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन के बैनर तले ग्वारीघाट स्थित शासकीय आयुर्वेद कालेज मैदान में गुरुवार को 74 वां पंजाबी दशहरा धूमधाम से आयोजित हुआ, जहां 75 फुट ऊंचे पुतले जलते ही अधर्म पर धर्म की जीत हुई। आयोजन में स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद सुमित्रा बाल्मीक, नगर निगम अध्यक्ष रिंकूज विज, कार्यक्रम संयोजक व पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत, एसोसिएशन अध्यक्ष नरेश ग्रोवर एवं संरक्षक नरेंद्र पाल मलिक मंचासीन रहे। दोपहर 4 बजे से ही जनसैलाब आयोजन स्थल पर जगह सुरक्षित करने डट गया था, जिसके चलते सुरक्षा घेरा मजबूत करते हुए मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

​मंच से संतों और अतिथियों का प्रेरक उद्बोधन



धार्मिक अनुष्ठान के तहत प्रभु श्रीराम की वैदिक पूजा के बाद संतों ने प्रवचन दिया। साध्वी दीदी ने स्वार्थ की दानवी मनोवृत्ति मिटाने का संदेश दिया, जबकि तरुण भनोत ने मानवीय आचरण में घुस चुकी विकृतियों को दूर कर श्रीराम के आदर्श अपनाने पर बल दिया। महापौर अन्नू ने संस्कारधानी में पंजाबी समाज के इस गौरवशाली पर्व को शहर की सबसे बड़ी सांस्कृतिक पहचान बताया।

​सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर बजीं जमकर तालियां

​शुरुआत श्रीगणेश वंदना से हुई। इसके पश्चात निर्देशक अखिलेश पटेल के आदि देव कला संस्थान ने राजस्थानी दुर्गा भजन व हनुमान भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। निर्देशक मोती शिवहरे के नवरंग कथक कला केंद्र ने शानदार नवरंग नृत्य पेश किए। अंतर्राष्ट्रीय श्याम बैण्ड की मधुर धुनों, सूफी कथक, दिव्य रामायण कथा और सामूहिक पंजाबी भांगड़ा पार्टी की धमाकेदार पेशकश ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।

​शिवाकाशी की आतिशबाजी से जगमगाया नीला आसमान

​दशहरा मैदान और आसपास जुटे हजारों दर्शकों ने शिवाकाशी तथा स्थानीय कारीगरों के बीच चली रोमांचक आतिशबाजी प्रतियोगिता का लुत्फ उठाया। रंग-बिरंगे अनूठे पटाखों की सतरंगी रोशनी और गगनचुंबी छटा ने नभ को इंद्रधनुषी रंग से नहला दिया। हर धमाके पर बच्चों और युवाओं का उत्साह चरम पर पहुंचता रहा।

​पुष्परथ शोभायात्रा और कर्मठ कार्यकर्ताओं की भागीदारी

​रंग-बिरंगी डिस्को लाइट, दुलदुल घोड़ी, श्याम बैण्ड और नाचते घोड़ों के साथ पुष्परथ पर लक्ष्मण व भक्त हनुमान संग रघुनाथ निकले। गदाधारी हनुमान ने अशोक वाटिका में फल खाकर उसे उजाड़ा। मैदान की परिक्रमा के बाद श्रीराम के तरकश से तीर छूटे और दोनों विशाल पुतले खाक हो गए। इस भव्य पर्व को सफल बनाने में महिला समिति की उषा खुराना, किरण नारंग, नवयुवक मंडल, राजीव ओबेरॉय, उमेश शर्मा पप्पू, अंशुल मलिक, इंदर बिरमानी, पंकज सेठी, सुधीर मेहता, सुशील आनंद, संजय अरोरा, रघुवर कपूर, सुनील बहल, धन्वंतराय सेठी, भरत कपूर, उमेश खुराना, नरेंद्र धमीजा, गुलशन मखीजा, नीरज बयोत्रा, प्रदीप वाधवा, दीपक चंडोक, डॉ सुमित कुमार, अशीष खुराना, मनीष वर्मा, रोहन दीवान, संजीव मलिक, अंशुल कोहली, अंबर पुंज, मनमोहन कोचर, संदीप सेठी तथा कुशाग्र राजपाल का विशेष योगदान रहा।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak