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रावण वध के साथ अधर्म पर धर्म की जय, संस्कारधानी में सजीव हुआ त्रेतायुग





जबलपुर। संस्कारधानी में श्री गोविंदगंज रामलीला की अगुवाई में मुख्य दशहरा चल समारोह छोटा फुहारा से निकला, जो शहर भर में भक्ति का ज्वार बनाए रहा। यात्रा में राम बने ओम दुबे, लक्ष्मण बने मानस पांडे, हनुमान बने पलाश पाठक और रावण बने पवन पांडे ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, जहां तीन पत्ती चौक पर महापौर जगत बहादुर अन्नू, विधायक अभिलाष पांडे, अनिल तिवारी, रवि गुप्ता, राकेश डी पी पाठक, विजय सरावगी, अजय तिवारी, मनीष पाठक, महंत मोहन महाराज, रोहित महाराज, मंगू गोयल, कमल किशोर तिवारी, गुड्डा रैकवार, अमरनाथ रिछारिया, मुकेश पाठक, किशन अग्रवाल और पप्पू अग्रवाल ने पूरे सम्मान के साथ भगवान का पूजन किया, जिसके बाद मां जगदंबे की दिव्य प्रतिमाओं का कारवां पूरे उत्साह से आगे बढ़ा।

​संसद के गतिरोध और एआई संकट पर तीखी झांकियां

​गोविंदगंज समिति की करीब ढाई दर्जन झांकियों ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने में देरी, बच्चों को जकड़ती मोबाइल की लत, वैश्विक युद्ध की विभीषिका, हार्मुज तेल संकट और बख्सारावल के मुद्दों को लेकर जनता के बीच गंभीर सवाल उठाए। इसके साथ ही रावण जटायु संघर्ष, त्रिशूलधारी शंकर और कटकासुर-विष्णु संग्राम के दृश्यों ने जनमानस को गहराई से प्रभावित किया। जुलूस में सबसे आगे कुंभकरण, मेघनाद व दशानन के भारी-भरकम पुतले थे, जिनके पीछे बैंड, ढोल, हाथी, घोड़े और दुलदुल घोड़ी के साथ आधुनिक तकनीक का शानदार संगम देखने मिला। बच्चों के बीच टॉफियां बांटते रावण के रथ और श्रीराम के तीरों के बीच पूरे रास्ते जोरदार युद्ध का मंचन हुआ।

​बड़े फुहारे पर भरत मिलाप का भव्य मंचन आज

​दमोहनाका, बल्देव बाग, रानीताल, एमएलबी, मालवीय चौक, लार्डगंज, कमानिया, सराफा, कोतवाली, मिलौनीगंज, घोड़ा नक्कास और हनुमानताल से गुजरते हुए जुलूस छोटा फुहारा पहुंचा। यहां तीनों पुतलों के दहन के बाद रामलीला मंच पर रावण वध की कथा पूरी की गई। कुचैनी ट्रस्ट के सहयोग से आज बुधवार 21 अक्टूबर को बड़े फुहारे पर चौदह वर्ष के वनवास समापन का भरत मिलाप आयोजित होगा। इसके बाद गुरुवार को छोटा फुहारा में अयोध्या की तर्ज पर सजे भव्य मंच पर प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक और वानर दल की भावुक विदाई लीला संपन्न होगी।

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