घटना के समय ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर रुकी थी, जहां अरमान दूध खरीदने के लिए अपने एसी डिब्बे से बाहर उतर रहा था। उसी दौरान पैंट्री कार के कर्मचारी ट्रेन में खानपान सामग्री लोड कर रहे थे, जिससे निकासी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। अरमान ने रास्ता बंद होने पर ऐतराज जताया, जिसके बाद वेंडर्स और उसके बीच कहासुनी शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि आधा दर्जन के करीब वेंडर्स ने अरमान को एसी कोच से नीचे खींच लिया और उसके साथ जमकर मारपीट की। इस पूरे घटनाक्रम का वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जीआरपी ने दर्ज किया केस, 3 संदिग्ध हिरासत में
घटना के बाद पीडि़त यात्री ने सबसे पहले आमला जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां से केस की डायरी ट्रांसफर होकर रानी कमलापति जीआरपी थाने पहुंची, जिसके बाद अज्ञात वेंडर्स के खिलाफ विधिवत प्राथमिकी (स्नढ्ढक्र) दर्ज की गई। रानी कमलापति जीआरपी थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि अज्ञात वेंडर्स पर केस दर्ज कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ जारी है और अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दुरंतो जैसी वीआईपी ट्रेन में हुई इस गुंडागर्दी ने रेलवे सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में मौके पर एक महिला पुलिसकर्मी दिखाई दे रही है, लेकिन घटना के समय आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों की मौजूदगी व उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
