जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव, शंभूनाथ सिंह, रामकेवल यादव, केएन लोखंडे, बीपी सिंह, विपतलाल विश्वकर्मा, संजय दुबे, लखन सिंह राजपूत, दशरथ शर्मा, शशि उपाध्याय, अजय कश्यप, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, चंद्रभान विश्वकर्मा और पवन यादव ने बताया कि 56 जिलों में तीन विद्युत वितरण कंपनियों ने 50 हजार से अधिक नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स लाइन कर्मियों की विशेष तैनाती की है। प्रदेश भर में उत्सव के दौरान निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से 20 अक्टूबर तक शाम 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक यह अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके चलते फील्ड स्टाफ को सामान्य समय के अलावा प्रतिदिन कुल 16 घंटे लगातार मैदानी दायित्व निभाना पड़ रहा है।
लगातार लंबी शिफ्ट से कर्मचारियों का काम बढ़ा
दुर्गोत्सव, मुख्य चल समारोह एवं प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में फॉल्ट सुधारने और आपातकालीन निगरानी के लिए टीमें सतर्क रहेंगी। दोनों पालियों के एक साथ जुड़ जाने से तकनीकी अमले को देर रात तक पोल, ट्रांसफार्मर तथा सब स्टेशनों पर मुस्तैद रहना पड़ रहा है। लगातार कार्य करने से मैदानी स्तर पर शारीरिक थकान और ऊर्जा की कमी का संकट सामने आ रहा है।
मैदानी अमले हेतु भोजन का समुचित प्रबंध हो
विद्युत कंपनियों के उच्चाधिकारियों से मांग उठाई गई है कि कार्यस्थल पर तैनात समस्त तकनीकी अमले के लिए तत्काल स्वल्पाहार व शुद्ध भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। सुदूर उपकेंद्रों और गश्त पर निकले कर्मचारियों को राहत देने से व्यवस्था सुचारु रहेगी तथा विजयादशमी तक रोशनी का तंत्र बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संचालित हो सकेगा।
