जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर से संबद्ध रीवा वेटरनरी कॉलेज में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों से रैगिंग का मामला सामने आया है। जूनियर छात्र-छात्राओं के जबरन बाल कटवाने, खास पहनावा थोपने और सोशल मीडिया ग्रुप में धमकाने संबंधी शिकायत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, लोकपाल तथा कुलपति तक पहुंची है। पीड़ित विद्यार्थियों द्वारा 11 अक्टूबर को गोपनीय तौर पर भेजी गई इस शिकायत में वरिष्ठ छात्रों के साथ कुछ प्राध्यापकों के अनुचित व्यवहार की बात भी कही गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. मनदीप शर्मा ने कॉलेज प्रशासन के अलावा विश्वविद्यालय स्तर पर एक निष्पक्ष स्वतंत्र समिति से पड़ताल कराने का निर्णय लिया है।
वॉट्सऐप पर फरमान, जबरन बाल कटवाये
संस्थान के बीवीएससी पाठ्यक्रम में 30 सितंबर तक नए विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हुई थी। छात्रावास आवंटन के बाद सीनियर छात्रों ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कड़े निर्देश जारी करना शुरू कर दिया। नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को तय कपड़ों में रहने, बातचीत के समय आंखें झुकाए रखने और डांट-फटकार पर पूरी तरह खामोश रहने का दबाव बनाया गया। तय समय पर हाजिर न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। शिकायत के साथ ऐसे वीडियो फुटेज भी संलग्न किए गए हैं, जिनमें हॉस्टल के कमरों में नए छात्रों के बाल काटे जाने की पुष्टि हो रही है।
निष्पक्षता पर संशय के बीच स्वतंत्र जांच कमेटी
प्रारंभिक स्तर पर कॉलेज के डीन को पूरे घटनाक्रम की छानबीन सौंपी गई थी। हालांकि, पीड़ितों और उनके स्वजनों ने स्थानीय स्तर की जांच पर अविश्वास जताते हुए आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन से जुड़े कुछ सदस्य दोषी वरिष्ठ छात्रों को संरक्षण दे सकते हैं। इसी आशंका के मद्देनजर विश्वविद्यालय स्तर पर अलग से उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। कुलपति ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों की सत्यता प्रमाणित होते ही नियमों के तहत जिम्मेदार लोगों पर कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
