बताया गया है कि सिविल लाइन पाठ की प्रतिमा ट्रैक्टर-ट्राली में नरीली तालाब में विसर्जन के लिए ले जाई जा रही थी। प्रतिमा के साथ 50 से अधिक लोग सिविल लाइन के पास पहुंचे। इस दौरान 440 वोल्ट के तार को ऊपर उठाया गया, जो हाईटेंशन लाइन से टच हो गया। करंट आने के बाद तार टूटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिर गया और लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में ट्रैक्टर में बैठे विकास राजपूत उम्र 22 वर्ष, प्रिंस चौहान 23वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, तीसरे युवक की आज सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना में मयंक राजपूत, विक्की रैकवार, मनीष राजपूत और आयुष रैकवार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें पहले मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना के बाद यहां पर चीख पुकार व अफरातफरी मच गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए कि हादसे के बाद घायलों को तुरंत मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां स्टाफ नहीं था। डॉक्टर भी करीब आधे घंटे बाद अस्पताल पहुंचे। तब तक विकास और प्रिंस की मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और समिति के सदस्यों की बैठक में बिजली के तार नीचे झूलने की समस्या बताई गई थी। इन्हें समय रहते ठीक कराने की बात कही गई थी, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते यह हादसा हुआ।