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| फाइल फोटो |
जबलपुर। जबलपुर नगर निगम सीमा में अनुबंध की अवधि पूरी होने के बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों से यूनिपोल न हटाए जाने और राजस्व नुकसान को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने नगर निगम आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट वेदप्रकाश अधौलिया, टी.के. रायघटक, सुभाष चन्द्रा, अशोक यादव, यशवंत कोष्टा और श्याम सोलंकी शामिल रहे। उन्होंने निगमायुक्त को सौंपे पत्र में बताया कि एजेंसियों को वर्ष 2014-15 में 10 साल के लिए अनुमति मिली थी, जिसकी समयसीमा 2024-25 में समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा ग्वालियर की दीपक होर्डिंग एजेंसी को दी गई 3 वर्ष की मियाद खत्म होने के 6 साल बाद भी जिम्मेदार अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
नियम ताक पर रखकर दोहरा विज्ञापन और आधा टैक्स
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि होर्डिंग संचालक सड़कों पर लगे यूनिपोल के दोनों तरफ डिस्प्ले बोर्ड लगाकर भारी विज्ञापन प्रसारित कर रहे हैं। इसके विपरीत नगर निगम के खाते में केवल एक तरफ का किराया और टैक्स जमा किया जा रहा है। जब भी बकाया टैक्स जमा कराने की बात आती है, तब संबंधित विभाग के जिम्मेदार केवल मांग पत्र भेजकर कागजी औपचारिकता पूरी कर लेते हैं। इस व्यवस्था से शहर सरकार को हर महीने लाखों रुपये की सीधी आर्थिक चपत लग रही है, वहीं निजी प्रचार एजेंसियां अनुबंध की शर्तें तोड़कर अनुचित लाभ कमा रही हैं।
अदालत के निर्देश पर आउटडोर मीडिया नियम की दुहाई
मंच ने पूरे मामले को आउटडोर मीडिया नियम 2017 का खुला उल्लंघन करार दिया है। इस संबंध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक डब्ल्यूपी 26109/2024 में 18 सितम्बर 2026 को दिए गए आदेश का हवाला दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट व्यवस्था दी थी कि यूनिपोल और होर्डिंग संबंधी अनियमितताओं की शिकायतें संबंधित सक्षम प्राधिकारियों के संज्ञान में लाई जानी चाहिए। इसी परिप्रेक्ष्य में 28/10/2026 को यह औपचारिक पत्र देकर मांग की गई कि अवैध रूप से टिके यूनिपोल तत्काल हटाए जाएं और राजस्व हानि की वसूली की जाए।
