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| पंजाबी दशहरे की फाइल फोटो |
जबलपुर। संस्कारधानी की परंपरा के तहत पंजाबी हिंदू एसोसिएशन द्वारा 74वां पंजाबी दशहरा महोत्सव सोमवार 19 अक्टूबर को शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय परिसर ग्वारीघाट में आयोजित किया जा रहा है। शाम 5:30 बजे शुरू होने वाले इस विशाल जलसे में 75 फीट ऊंचे रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होगा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि कार्यक्रम का आगाज भगवान श्रीराम के पूजन-अर्चन और वंदन के साथ विधिवत संपन्न होगा। इसके उपरांत मंच पर परम पूज्य जगद्गुरु डॉ. स्वामी नरसिंहदेवाचार्य जी महाराज तथा साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी के पावन आशीर्वचनों के साथ महोत्सव की विभिन्न गतिविधियों का शुभारंभ किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के आतिशबाजों द्वारा ग्वारीघाट के गगन में पेश होने वाला रंगारंग प्रदर्शन पूरे क्षेत्र को प्रकाश से आलोकित करेगा।
धार्मिक शोभायात्रा में दिखेगी डांडिया और घुड़सवारों की शान
उत्सव के दौरान निकलने वाली प्रभु श्रीराम की शोभायात्रा में कई सांस्कृतिक रंग देखने को मिलेंगे। इस भव्य जुलूस में विशेष रूप से शामिल अश्वारोही दल, पारंपारिक दुलदुल घोड़ी, मनमोहक रोशनी और उत्साहपूर्ण डांडिया नृत्य प्रमुख आकर्षण बनेंगे। आयोजकों के अनुसार यह यात्रा पूरे परिवेश को उत्सव के उल्लास में डुबो देगी।
आतिशबाजी के नायाब नजारे ग्वारीघाट के मैदान को चमकाएंगे
देश के नामचीन आतिशबाजों द्वारा मैदान एवं आकाश में मनोहारी प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इनमें ताजमहल, कैलाश मंडल, झूला, पालखी, मेरी-गो-राउंड, चकरी वाले गेट, कदम झाड़, पनचरखा, महाभारत, सूरज मंडल, चंद्रहार और धुआंधार जैसे अनोखे आइटम्स दर्शकों का दिल जीतेंगे।
