बताया गया है कि करीब सात माह से गर्भवती नाबालिगा की अचानक तबियत बिगड़ी तो परिजनों ने जरुआखेड़ा के शासकीय अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डाक्टरों द्वारा जांच की गई तो पता चला कि वह गर्भवती है। 15 अक्टॅूबर को नाबालिगा की अस्पताल में डिलीवरी हुई तो उसने एक मृत बच्ची को जन्म दिया। 16 को परिजनों ने नवजात को ले जाकर दफना दिया, अगले दिन 17 अक्टूबर को अस्पताल में भरती नाबालिगा की हालत बिगडऩे लगी, जिसे देखते हुए डाक्टरों ने तत्काल सागर के जिला अस्पताल रेफर किया। यहां पर डाक्टरों ने हालत को देखते हुए नाबालिगा को आईसीयू में भरती कर उपचार शुरु कर दिया। इस दौरान अस्पताल के डाक्टरों ने जांच की तो पीडि़ता की उम्र 14 साल 7 माह निकली, जिसपर सागर पुलिस को खबर दी गई। सागर पुलिस ने जीरो पर प्रकरण दर्ज कर डायरी नरयावली थाना स्थानान्तरित कर दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर हिरासत में ले लिया है। नवजात बच्ची की मौत के बाद एसडीएम की इजाजत से नरयावली के नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद बच्ची के शव को जमीन से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सागर भेजा गया। नरयावली थाना प्रभारी प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि नाबालिग से दुष्कर्म के इस मामले में आरोपी युवक के खिलाफ सख्त धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।