जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में 12 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अनुशंसा की है। इस प्रस्ताव में न्यायिक सेवा कोटे से 5 नाम रेणुका कंचन, कृष्णमूर्ति मिश्रा, वीरेंद्र सिंह राजपूत, ममता जैन और अशिता श्रीवास्तव शामिल हैं। वहीं बार कोटे से 7 वरिष्ठ अधिवक्ताओं डॉ. विवेक शरण, राजेश कुमार शुक्ला, कनकलता सिंह, भक्ति व्यास, श्रेयस पंडित, मृणाल केलकर एवं अविनाश जरगर के नामों को हरी झंडी दी गई है। इन नए नामों के जुड़ने से अदालत में कार्यरत न्यायमूर्तियों की कुल संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी। इससे जबलपुर की मुख्य पीठ सहित इंदौर और ग्वालियर की खंडपीठों में वर्षों से अटके मुकदमों के त्वरित निराकरण में भारी सहायता प्राप्त होगी।
राजभवन से गजट तक पूरा होगा सफर
सर्वोच्च न्यायालय की इस सूची को अग्रिम प्रशासनिक परीक्षण के लिए केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय भेजा जा रहा है। वहां से यह संचिका प्रधानमंत्री कार्यालय से होते हुए देश की राष्ट्रपति के समक्ष अंतिम अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की जाएगी। राष्ट्रपति भवन से वारंट जारी होने के तुरंत बाद केंद्र का न्याय विभाग भारत के राजपत्र में इसकी अधिकृत अधिसूचना प्रकाशित करेगा। केंद्र स्तर की समस्त वैधानिक प्रक्रियाओं के संपन्न होते ही राज्य में नए सदस्यों के स्वागत और पदभार ग्रहण का चरण आरंभ हो जाएगा।
मुख्य पीठ में शपथ ग्रहण से मिलेगी रफ्तार
अधिसूचना सार्वजनिक होने पर राज्य स्तर पर एक गरिमामय समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां मुख्य न्यायाधिपति सभी नवनियुक्त सदस्यों को विधिवत दायित्वों का संकल्प दिलाएंगे। रिक्त आसनों के भरने से अलग-अलग खंडपीठों में दैनिक रोस्टर का पुनर्गठन होगा, जिससे दीवानी, फौजदारी और जनहित से जुड़ी याचिकाओं पर रोज होने वाली सुनवाई बेहद तेज हो जाएगी। लंबे समय से फैसले की राह देख रहे आम पक्षकारों को इससे बड़ी राहत मिलेगी और पूरे न्यायिक अमले की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार दर्ज होगा।
