khabar abhi tak

जबलपुर:11 केवी सबस्टेशन में घुसा चोर, सीधे पहुंचा जेल



जबलपुर। गोलबाजार स्थित एमएच हाउस के पास सुबह 10:30 बजे विद्युत विभाग की स्काडा प्रणाली के कॉम्पैक्ट सबस्टेशन से तांबे का तार और एमसीबी चुराते हुए चेरीताल निवासी श्याम चौधरी को गश्ती दल के कर्मचारियों प्रमोद सोंधिया, अक्षय रजक और शिव कुमार कचेर ने रंगे हाथ पकड़ लिया। अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के निर्देश पर तैनात टीम द्वारा पकड़े गए आरोपी के पास से 10 हजार रुपये का सामान बरामद हुआ। इसके बाद कनिष्ठ अभियंता गुलाब सिंह राजपूत के शिकायती आवेदन पर लार्डगंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस धारा 303 (2) में प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया। यह पूरी व्यवस्था शहर में निर्बाध आपूर्ति देती है।

​गश्ती दल ने मौके पर आरोपी को दबोचा

​पश्चिम संभाग अंतर्गत नियमित सुरक्षा जांच के दौरान सतर्क लाइन कर्मचारियों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर तुरंत घेराबंदी की। पकड़ा गया आरोपी सबस्टेशन का ताला तोड़कर अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचा चुका था। पूछताछ और प्राथमिक जांच के बाद विभाग ने लार्डगंज थाने को मामले की सूचना देकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कराई। इससे पूर्व करीब 6 माह पहले भी मदनमहल थाना क्षेत्र में इसी तरह की चोरी का मामला दर्ज कराया गया था। विभाग ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए सभी संवेदनशील क्षेत्रों में आकस्मिक जांच अभियान को और तेज कर दिया है ताकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।

​इस सेंटर में हाईटेक होता है बिजली सुधार

​यह आधुनिक वितरण ढांचा सीधे केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से संचालित होता है, जहां उच्च दाब लाइन में तकनीकी खराबी आने पर बिना लाइनमैन भेजे दूर बैठकर ही बिजली बहाल कर दी जाती है। इस प्रक्रिया में फॉल्ट वाले हिस्से को तुरंत अलग कर बाकी इलाकों की आपूर्ति तत्काल शुरू होती है। यदि यह ढांचा क्षतिग्रस्त हो जाए तो उपभोक्ताओं को लंबे समय तक अंधेरे का सामना करना पड़ता है और मरम्मत कार्य में अत्यधिक समय व्यतीत होता है। इस स्वचालित नेटवर्क के कारण शहर भर में घंटों की फाल्ट मरम्मत मिनटों में पूरी हो जाती है, जिससे आम जनता को लगातार राहत मिलती है।

​जानलेवा 11 केवी लाइन का भारी जोखिम

​कॉम्पैक्ट सबस्टेशन के भीतर ट्रांसफॉर्मर, रिंग मेन यूनिट, बैटरी और ऑनलाइन संचालन उपकरण कॉपर वायरिंग के जरिए एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इन संरचनाओं में 11 केवी का अत्यंत घातक करंट प्रवाहित रहता है, जिसे छूना या खोलना जानलेवा साबित हो सकता है। कानूनन इस अपराध में 3 साल तक की जेल की सजा तय है। विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी विद्युत सबस्टेशन, डीपी या संवेदनशील उपकरणों के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या अनाधिकृत गतिविधि नजर आए, तो बिना देर किए तुरंत बिजली कार्यालय को सूचित करें ताकि गंभीर दुर्घटनाएं और आपूर्ति व्यवधान दोनों रोके जा सकें।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak