भोपाल. दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लगी है। 10 अक्टूबर तक मानसून मध्य प्रदेश से विदा ले सकता है। इसकी शुरूआत सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से होगी। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से लौटेगा।
फिलहाल 4 अक्टूबर तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। हालांकि 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबूांदी हो सकती है।
4 फीसदी कम हुई बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक होता है, जो कि अब खत्म हो चुका है। इस बार पूरे सीजन में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है,जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) होनी चाहिए थी। इस तरह पूरे सीजन में प्रदेश में करीब 4 फीसदी बारिश कम हुई।
पूर्वी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 4 प्रतिशत ज्यादा पानी गिरा लेकिन पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12त्न कम बारिश दर्ज की गई। इसी के चलते प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका हालांकि 25 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा वहीं निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150 प्रतिशत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
भोपाल समेत 25 जिलों में हुई अच्छी बारिश
इस सीजन में बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है।
भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
