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औद्योगिक विकास के लिए उड़ानें जरूरी, एयरलाइन प्रबंधन को सौंपे अहम सुझाव,जल्दी बदलेगी तस्वीर

 


जबलपुर। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने जबलपुर में घटती विमान सेवाओं पर गहरी चिंता जताते हुए इंडिगो एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा। इस उच्चस्तरीय वार्ता में उद्योग संगठन की ओर से अध्यक्ष हिमांशु खरे, संयुक्त अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार पोरवाल, उपाध्यक्ष जयदेव योगेश ताम्रकार, प्रबंध समिति सदस्य अरूण पवार और अशोक आनंद शामिल हुए, जबकि एयरलाइन का पक्ष डायरेक्टर सेल्स प्रीतम चक्रवर्ती, अभिषेक शर्मा और कुंवर रावत ने रखा। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि संभागीय मुख्यालय होने के कारण यह शहर शैक्षणिक, औद्योगिक और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। वर्तमान में यहाँ से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, इंदौर और कोलकाता के लिए उड़ानें चल रही हैं, किंतु पूर्व में संचालित कई अहम मार्ग बंद हो चुके हैं। अतः औद्योगिक विकास, निवेश, व्यापार और विद्यार्थियों के आवागमन को रफ्तार देने के लिए व्यापक विस्तार अत्यंत जरूरी है।

बंद हवाई मार्गों को तुरंत दोबारा शुरू किया जाए

​प्रतिनिधिमंडल ने बंद हो चुके मार्गों को फिर से बहाल करने की मांग उठाई। इनमें मुख्य रूप से पुणे, जयपुर, अहमदाबाद, चेन्नई और पटना के लिए सीधी उड़ानों की जरूरत बताई गई। एयरलाइन के सेल्स डायरेक्टर ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जानकारी दी कि बेंगलुरु जाने वाली उड़ान में बोइंग विमान लगाया जाएगा। इस व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए उसी विमान को तमिलनाडु की राजधानी से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री केवल 5 घंटे में अपना सफर पूरा कर सकेंगे। दक्षिण भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से बेहतर संपर्क स्थापित होने से स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों का सफर आसान बनेगा। इसके अलावा अन्य व्यावसायिक मार्गों को लेकर भी प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा की जा रही है।

पड़ोसी शहरों की उड़ानों को आगे तक बढ़ाएं

​वायु सेवाओं के त्वरित समाधान हेतु संगठन ने 300 से 500 किलोमीटर के दायरे में स्थित शहरों के रूटों को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। वर्तमान में आसपास के क्षेत्रों में संचालित उड़ानों को इस रूट पर जोड़कर कम समय में बेहतर संपर्क दिया जा सकता है। एयरलाइन प्रबंधन ने इस व्यावहारिक प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक स्तर पर तकनीकी मूल्यांकन कराने की बात कही। वार्ता में विशेष रूप से महाराष्ट्र के आईटी हब के लिए सीधी उड़ान सबसे पहली आवश्यकता बताई गई, जिस पर कंपनी ने जल्द ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया। नए मार्गों के जुड़ने से स्थानीय उत्पादकों, निर्यातकों और आम जनता को बड़े महानगरों तक पहुंचने में सीधी मदद मिलेगी।

विमानन क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के नए अवसर

​बैठक में विमान चालकों की बढ़ती मांग को देखते हुए स्थानीय स्तर पर फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल खोलने का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा गया। देश भर में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर में प्रशिक्षित कर्मियों की भारी आवश्यकता को देखते हुए यह कदम राज्य के युवाओं के लिए करियर और तकनीक के द्वार खोलेगा। संस्थान की स्थापना से युवाओं को स्थानीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे क्षेत्र एविएशन स्किल हब के रूप में उभरेगा। नए उद्योगों की स्थापना और आर्थिक प्रगति के लिए सीधी उड़ानें अनिवार्य हैं। प्रबंधन ने सभी मांगों पर विचार करते हुए जल्द सकारात्मक परिणाम देने की बात कही।

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