जबलपुर। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरगी नगर की मेजबानी में विकासखंड स्तरीय भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। विकासखंड सह-समन्वयक अमृता कोरी के नेतृत्व में संकुल केंद्र से जबलपुर ग्रामीण तक विशाल रैली निकाली गई। कार्यक्रम में संकुल प्राचार्य किशन रायखेरे, संकुल समन्वयक विपिन विश्वकर्मा, राजकुमार नेमा, पुलिस थाना प्रभारी राजेंद्र उइके, सुषमा धुर्वे, ललिता तिवारी, पूजा विश्वकर्मा, शिवकुमार शर्मा, सुखराम काकोड़िया, नेहा पेठिया, अमित प्रजापति, ऋतु शर्मा, सोनू रजक और सुनील साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। त्रिभुवन देव विश्वकर्मा ने प्रभावशाली मंच संचालन कर सभी को बांधे रखा। इस अवसर पर समाज, पुलिस प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूली छात्र-छात्राओं और शिक्षक अमले ने मिलकर शत-प्रतिशत साक्षरता प्राप्त करने का सामूहिक संकल्प दोहराया।
जनसैलाब संग निकली ऐतिहासिक जागरूकता रैली का आगाज़
आयोजन स्थल से रवाना हुई इस पदयात्रा में शासकीय तथा अशासकीय शालाओं के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभाई। हाथों में ज्ञान की तख्तियां लिए कतारबद्ध बच्चों के नारों ने समूचे ग्रामीण अंचल को शिक्षा के रंग में रंग दिया। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों, व्यापारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने पदयात्रियों का उत्साहवर्धन किया। प्रशासनिक तंत्र और नागरिकों का यह अनूठा तालमेल इलाके में सामाजिक समरसता की मिसाल बन गया। अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में स्थानीय पुलिस बल ने पूरे मार्ग पर मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाई।
उत्कृष्ट समाजसेवा के लिए अक्षर साथी हुए सम्मानित
समारोह के दौरान निरक्षरता के उन्मूलन हेतु निरंतर प्रयासरत अक्षर साथियों और निष्ठावान शिक्षकों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के बदले मंच पर आमंत्रित किया गया। अतिथियों द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस सम्मान से उपस्थित युवाओं को समाज निर्माण में स्वयंसेवी भूमिका निभाने की प्रेरणा मिली। सम्मान समारोह के इस सत्र ने कार्यक्रम की गरिमा को नई ऊंचाई प्रदान की, जिससे शिक्षा के प्रसार में लगे मैदानी कार्यकर्ताओं का मनोबल अत्यधिक ऊंचा हुआ।
हर घर तक बुनियादी शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
अंतिम चरण में मंचस्थ वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि विकास की पहली सीढ़ी बुनियादी पढ़ाई-लिखाई ही है। इसके उपरांत सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दोनों हाथ उठाकर शत-प्रतिशत साक्षर परिवेश निर्मित करने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। उपस्थित जनसमूह ने प्रण किया कि कोई भी बालक अथवा वयस्क अध्ययन के अवसर से वंचित नहीं रहेगा। अंत में समस्त सहयोगी विभागों के प्रति आभार व्यक्त कर इस प्रेरणादायी आयोजन का विधिवत समापन किया गया।